मुंबई - सन फार्मा ने रेनबैक्सी लैब्स के 18 टॉप अधिकारियों को संस्थान छोडऩे का फरमान सुनाया है। यह हाल के वर्षों में सीनियर मैनेजमेंट लेवल के अधिकारियों की सबसे बड़ी छंटनी है। ताजा आदेश दिलीप शांघवी के नेतृत्व वाली कंपनी सन फार्मा द्वारा रेनबैक्सी के अधिग्रहण के एक साल बाद आया है। इस अधिग्रहण के बाद ही कंपनी का आखिरी क्वार्टर का लाभ 44 फीसदी घट गया, क्योंकि उसे अधिग्रहण और रेग्युलेटरी इशूज पर पैसे खर्च करने पड़े।
कंपनी ने जिन उच्च अधिकारियों को छोडऩे को कहा है, उनमें प्रेजिडेंट एंड सीएफओ इंद्रजीत बनर्जी; रेनबैक्सी के कंट्री (इंडिया) हैड युगल सिकरी; मार्केटिंग वीपी मनिंदर सिंह; ग्लोबल हैड, सोर्सिंग, गोविंद जाजु; डायरेक्टर, फाइनांस रातुल भादुड़ी शामिल हैं। इन सबको बरखास्तगी पैकेज और छोडऩे से पहले अपने स्टॉक ऑप्शंस के इस्तेमाल की छूट दी गई है। सन फार्मा के प्रवक्ता ने कहा कि सन रेनबैक्सी विलय का मकसद इसके सभी शेयरधारकों के लिए बड़ा और बेहतर संगठन बनाने का था।
इसके लिए कंपनी ने अपनी पूरी उपलब्ध क्षमता का सर्वोत्तम उपयोग किया और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर कुछ कर्मचारियों को सही तरीके से अच्छी जगह पर नहीं रखा जा सकता है, तो कंपनी इस मसले से बिलकुल पारदर्शिता और संवेदनशीलता से निपटेगी।