श्रीनगर - जम्मू-कश्मीर में सोपोर में सोमवार को हुई एक और हत्या समेत एक सप्ताह के अंदर चार लोगों के मारे जाने को लेकर बारामूला में लोगों ने व्यापक प्रदर्शन किया, जिसके आम जनजीवन प्रभावित हो गया। पुलिस के अनुसार सोपोर में पिछले एक सप्ताह के अंदर चार लोगों की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मारे गए लोगों में तीन पूर्व आतंकवादी थे, जबकि चौथा व्यक्ति कट्टरपंथी हुर्रियत कान्फे्रंस के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी से जुड़ा हुआ था।
युवक की हत्या के विरोध में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चेयरमैन यासिन मलिक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में सोमवार को सोपोर में सडक़ों पर उतरे लोगों और पुलिस तथा सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष हुआ। स्थानीय प्रशासन को चौंकाते हुए अलगाववादी नेता मलिक अपने समर्थकों के साथ एजाज अहमद रेशी की हत्या के विरोध में सोपोर पहुंचे। उनके साथ बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने आजादी के समर्थन और सरकार के विरोध में नारेबाजी की। जब यह प्रदर्शनकारी सोपोर चौक पहुंचे तो आस पास के लोग घरों से निकलकर उनके साथ हो गए। यह धरना लगभग तीन घंटे तक शांतिपूर्ण तरीके से चला, लेकिन मलिक के धरनास्थल से जाने के बाद प्रदर्शनकारियों का पुलिस और सुरक्षा बलों से संघर्ष शुरू हो गया।
सोपोर में सोमवार को हुई इस हत्या के साथ ही पिछले एक सप्ताह में अज्ञात हमलावरों की गोलीबारी मे मरने वालों की संख्या चार हो गई है। इन हत्याओं के बाद से राज्यभर में विरोध प्रदर्शनों का दौर शुरू हो गया है, जिसमें अलगावादियों के साथ मुख्यधारा के राजनीतिक दल भी शामिल हो गए हैं और सरकार ने इन मामलों की समयबद्ध जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के आदेश श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने बारामुला जिले के सोपोर में पिछले एक सप्ताह में अज्ञात बदमाशों द्वारा चार लोगों के मारे जाने के मामले की समयबद्ध जांच के सोमवार को आदेश दिए हैं। आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने सोपोर में नागरिकों के मारे जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए गृह मंत्रालय से मामले की जांच के आदेश के साथ ही नागरिकों को सुरक्षा मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।