नई दिल्ली - आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की मदद के मामले में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी घिरते नजर आ रहे है। सोमवार को सुषमा के खिलाफ कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने हल्ला बोला है और उनके इस्तीफे की मांग ने भी जोर पकड़ा है। सोमवार को जहां कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने सुषमा स्वराज को बर्खास्त करने की मांग की है तो वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि यूपीए सरकार के वक्त भारत और ब्रिटेन के बीच जो नियम बनाए गए थे, उन्हें नजरअंदाज करके ललित मोदी की मदद की गई है।
उन्होंने कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि इस फैसले की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को न हो, जबकि वह विदेशी संबंधों को लेकर काफी सक्रिय रहते हैं। कांग्रेस ने इस मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 11 सवाल भी किए हैं। कांग्रेस के अनुसार विदेश मंत्री ने एक ऐसे भगोड़े को ट्रैवल डॉक्युमेंट दिलाने में मदद क्यों की, जिसके ऊपर 700 करोड़ रुपए की मनी लाउंड्रिंग का गंभीर इल्जाम है?। इसे बाद कांग्रेस ने पूछा कि क्या यह मदद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सहमति से की गई थी?
अगर ऐसा है तो क्या कारण है कि पीएम मोदी ललित मोदी की मदद कर रहे थे। यहीं नहीं कांग्रेस ने पूछा कि बीजेपी की सरकार और पार्टी के अंदर वे कौन लोग हैं, जो ललित मोदी की मदद कर रहे हैं। वहीं, सोमवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सुषमा के घर के बाहर इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और उनका पुतला भी फूंका। बता दें कि सुषमा स्वराज ने आईपीएल घोटाले के आरोपी ललित मोदी को ब्रिटेन से बाहर जाने के लिए ट्रैवल वीजा दिलवाने में मदद की थी।
सुषमा ने यह बात खुद स्वीकारते हुए कहा है कि उन्होंने ऐसा मानवीय आधार पर किया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ललित मोदी की ऐसे हालात में ब्रिटेन से निकलने में मदद की, जबकि उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय लुकआउट निकला हुआ था। वहीं, कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा कि मुझे लगता है पुर्तगाल से बेहतर कैंसर का इलाज इंग्लैंड में होता है, ऐसे में ये सब बयान जनता को बरगलाने के लिए किया जा रहा है। दूसरी तरफ आप नेता कुमार विश्वास ने सवाल किया कि सुषमा स्वराज ने इसकी सूचना किसी को क्यों नहीं दी।
इससे पहले मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने आईपीएल मामले के आरोपी ललित मोदी को मदद करने के प्रकरण में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है। उधर, मुश्किल वक्त में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को समाजवादी पार्टी के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का भी साथ मिला, जिसने उनके इस्तीफे की मांग करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि इस मुद्दे का गहन विश्लेषण किया जाना चाहिए।