मुंबई - औसत से कम बारिश की भविष्यवाणी के बीच देशवासियों के लिए अच्छी खबर है। जानकारी के मुताबिक देश में मानसून से अब तक औसत से सात से आठ फीसदी अधिक बारिश हुई है। भारत का प्रमुख दक्षिण-पश्चिम मानसून तमाम अड़चनों के बावजूद तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम एजेंसी स्काइमेंट के मुताबिक कमजोर मानसून की चेतावनी और अरब सागर में उपजे चक्रावती तूफान अशोबा के कहर के बावजूद मानसून की रफ्तार सामान्य बनी हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून जल्द ही पूरे उत्तर भारत को अपने चपेट में ले लेगा। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मानसून ने फिलहाल दक्षिण गुजरात, कोंकण के अधिकांश हिस्से, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, विदर्भ के कुछ हिस्से, दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा को अपनी चपेट में ले लिया है। इसके साथ ही मानसून ने रायलसीमा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों पर अपनी पकड़ बना ली है। स्काइमेंट के जारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल मानसून में कुछ खास परिवर्तन देखने को भी मिल रहा है।
हालांकि अभी जश्न मनाना जल्दबाजी होगी, क्योंकि मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि कन्याकुमारी से कश्मीर तक मानसून के चार महीनों के सफर के दौरान बारिश 12 फीसदी कम हो सकती है। इस सीजन में ही देश में कुल सालाना बारिश का 75 फीसदी हिस्सा धरती को मिलता है। पिछले 24 घंटों में बारिश सामान्य से 76 फीसदी अधिक हुई है।