नई दिल्ली - देश में सोमवार को राहतों भरा दिन बीता। थोक महंगाई के आंकड़े शून्य से नीच रहने के बाद सरकार ने डीजल 1.35 रुपए प्रति लीटर सस्ता कर दिया। हालांकि दूसरी ओर पेट्रोल की कीमतों में लगी आग शांत नहीं की गई और इसकी कीमतों में प्रति लीटर 64 पैसे का इजाफा हुआ। नई दरें आधी रात के बाद लागू होंगी। उधर, यूरोप में यूनान ऋण संकट गहराने से सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग दो प्रतिशत की गिरावट देखी गई और ब्रेंट क्रूड 63 डॉलर प्रति बैरल से नीचे लुढक़ गया।
कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 1.22 डालर गिरकर 62.65 डालर प्रति बैरल पर आ गया। ऐसे में पेट्रोल में राहत नहीं मिलना उम्मीदों से परे है। इससे पहले 15 मई को भी ईंधन की कीमतों में बदलाव किया गया था, तब पेट्रोल की कीमत तीन रुपए 13 पैसे प्रति लीटर बढ़ाई गई थी तो डीजल दो रुपए 71 पैसे महंगा हुआ था। गौरतलब है कि अब पेट्रोल और डीजल की कीमत बाजार के हवाले हैं। पिछले साल अक्तूबर में सरकार ने डीजल और पेट्रोल के बाजार को नियंत्रण-मुक्त कर दिया था। सामान्य तौर पर हर महीने ईंधन की कीमतों की समीक्षा की जाती है। इसी के आधार पर बदलाव किए जाते हैं।