नई दिल्ली - वन रैंक-वन पेंशन को लागू कराने को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए पूर्व सैनिकों ने रविवार को देशभर में प्रदर्शन किया। वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे गए। पूर्व सैनिकों के संगठन यूनाइटेड एक्स-सर्विसमेन ऑफ इंडिया के मुताबिक, देशभर के 55 केंद्रों पर प्रदर्शन किया जा रहा है। पूर्व सैनिकों ने सोमवार से अनशन पर जाने की भी तैयारी कर ली है। उन्होंने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को सौंपने के लिए एक ज्ञापन तैयार किया है, जिस पर खून से हस्ताक्षर किए गए हैं। ये पूर्व सैनिक सोमवार शाम राष्ट्रपति से मिलेंगे। ओआरओपी लागू होने से एक ही रैंक के सभी सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों और जवानों को समान पेंशन मिलेगी।
ओआरओपी से रक्षा विभाग के 25 लाख पूर्व सैनिक, मृत सैन्यकर्मियों की पत्नियों को फायदा होने की उम्मीद है। इससे पहले 10 दिनों के भीतर सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह, रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर, वित्तमंत्री अरुण जेटली से इसी मुद्दे पर पूर्व सैनिक मिल चुके हैं, लेकिन कुछ बात नहीं बनी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कह चुके हैं कि यह एक जटिल मुद्दा है और सबसे बात करके सरकार इसे लागू करेगी। एक खुले पत्र में पूर्व सैनिकों ने मांग की है कि योजना के कार्यान्वयन के लिए एक निश्चित तारीख घोषित की जानी चाहिए। यह पत्र पूर्व सेनाकर्मियों के एक अन्य समूह द्वारा मुद्दे पर रविवार को की जाने वाली रैली से पहले आया है।