नई दिल्ली - उत्तर भारत के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवात ने एक बार मानसून को रफ्तार दे दी है। यह रफ्तार अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है, जिससे मानसून झारखंड, बिहार होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों में दस्तक दे देगा। हालांकि मानसून के दिल्ली पहुंचने में देरी के आसार हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार तय समय में मानसून के दिल्ली पहुंचने के आसार नहीं हैं। मानसून ने थोड़ी देरी के साथ महाराष्ट्र को करीब-करीब पूरा कवर कर लिया है।
गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में भी मानसून पहुंच चुका है। शनिवार को मानसून ने छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के कई क्षेत्रों में दस्तक दे दी है। सूरत, उज्जैन, रायपुर होते हुए मानसून दार्जिलिंग तक छा चुका है। मानसून का अब अगला पड़ाव झारखंड एवं बिहार हैं, जहां मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 13 जून है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में मानसून इन इलाकों को भी कवर कर लेगा तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी प्रवेश कर जाएगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बिहार एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहुंचने के बाद मानसून एक बार फिर कमजोर चरण में प्रवेश कर सकता है क्योंकि मौजूदा चक्रवात का असर अगले दो-तीन दिनों में खत्म हो जाएगा और कोई नया सिस्टम बनता हुआ नहीं दिख रहा है।
इस बार मानसून कमजोर है और धीमी चाल से चल रहा है, लेकिन इसके बावजूद इस बार बारिश अच्छी हो रही है। मानसून के महीने के पहले 14 दिनों के बारिश के आंकड़े देखें तो सामान्य से 11 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। उत्तर एवं मध्य भारत में आंधी-तूफान से हुई गैरमानसूनी बारिश ने लोगों को राहत दी है। यह बारिश हालांकि गैर मानसूनी है, लेकिन इस बारिश ने बारिश के आंकड़ों में इजाफा किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून कमजोर होने के बावजूद कश्मीर की तरफ से आने वाले पश्चिमी विक्षोभ यदि अच्छी बारिश करते हैं तो सूखे के खतरे को टाला जा सकता है।