नई दिल्ली - सर्वोच्च न्यायालय आल इंडिया प्री मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट (एआईपीएमईटी) को दोबारा कराए जाने की मांग करने वाली याचिकाओं पर 15 जून को फैसला सुनाएगा। ये याचिकाएं 10 राज्यों के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के जरिए प्रश्न पत्र के लीक हो जाने तथा उत्तर कुंजी का प्रसार हो जाने के कारण दायर की गई थीं।
सीबीएसई ने दोबारा परीक्षा कराए जाने वाली याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इसमें लंबी प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा। महाधिवक्ता ने यह दलील दी कि सिर्फ 44 विद्यार्थी ही प्रश्नपत्र लीक होने से कथित रूप से लाभान्वित हुए हैं।