नई दिल्ली - फर्जी डिग्री मामले में मंत्री जितेन्द्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी से परेशान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस विषय पर समझा जाता है कि तोमर के कानूनी सहायक एचएस फुल्का की सेवाएं वापस लेने और पूर्व कानून मंत्री को पार्टी से निष्कासित करने पर विचार कर रहे हैं। पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया है कि दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री को आप से निष्कासित किया जा सकता है, क्योंकि शीर्ष स्तर पर ऐसा महसूस किया जा रहा है कि इस मुद्दे पर उन्हें अंधेरे में रखा गया।
आप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमारी ऐसे मुद्दों पर कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति है। उन्हें काफी मौके दिए गए, लेकिन उन्होंने पार्टी को भ्रमित करने का प्रयास किया। केजरीवाल ने उनसे इस बारे में सफाई मांगी है और ऐसी संभावना है कि उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि इस मुद्दे को आप के आंतरिक लोकपाल के समक्ष भेजा गया है और उसकी रिपोर्ट के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।
ऐसी खबरें हैं कि पार्टी ने तोमर के वकील के तौर पर अपने कानूनी प्रकोष्ठ के प्रमुख एचएस फुल्का की सेवाएं वापस ले ली हैं, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है क्योंकि फुल्का अभी लंदन में हैं। उधर, पुलिसिया पूछताछ के दौरान गजनी बने दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर का एक और फर्जीवाड़ा सामने आया है। कानून की फर्जी डिग्री हासिल करने वाले जितेंद्र सिंह तोमर ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी का भी फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट बनवाया था।
यह खुलासा खुद बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की तरफ से वेरिफिकेशन के बाद किया गया है।भागलपुर में फेंके अंडे-टमाटरदिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर पर भागलपुर के तिलका मांझी विश्वविद्यालय के छात्रों ने अंडे और टमाटर फेंके और जमकर विरोध किया। छात्रों ने कहा कि तोमर के फर्जी डिग्री केस से उनके विश्वविद्यालय की साख को नुकसान हुआ है। छात्रों ने तोमर पर यूनिवर्सिटी को बदनाम करने का आरोप भी लगाया।