नई दिल्ली - फर्जी डिग्री मामले में मंगलवार को गिरफ्तार अरविंद केजरीवाल के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर को साकेत कोर्ट ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने तोमर को साकेत कोर्ट में पेश कर उनकी पांच दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी चार दिन की रिमांड मंजूर की। कोर्ट में पेशी से पहले तोमर की एम्स में स्वास्थ्य जांच कराई गई। उधर, कोर्ट के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष और कुमार विश्वास ने कहा कि वह अदालत के फैसले का सम्मान करते हैं और इस फैसले के खिलाफ ऊपरी अदालत में अपील की जाएगी।
कोर्ट के इस फैसले के बाद अब जितेंद्र तोमर को चार दिन पुलिस हवालात में ही रहना होगा। फर्जी डिग्री के इस मामले में जितेंद्र तोमर की ग्रेजुएशन और एलएलबी डिग्री पर विवाद है। कोर्ट में तोमर की तरफ से जिरह करते हुए एडवोकेट एचएस फुल्का ने पुलिस की रिमांड की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का केस आरटीआई के जरिए हासिल की गई सूचना पर आधारित है। आरटीआई में जिस रोल नंबर का जिक्र था, वह जितेंद्र तोमर का नहीं था। लेकिन कोर्ट ने उनकी यह दलील नहीं मानी।
जहां तोमर अपनी डिग्री को सही बता रहे हैं, वहीं भागलपुर यूनिवर्सिटी का कहना है कि तोमर की एलएलबी डिग्री उन्होंने जारी नहीं की है। तोमर के मामले में बार काउंसिल ने भी पुलिस जांच की सिफारिश की थी, लेकिन आम आदमी पार्टी का कहना है कि तोमर के खिलाफ केंद्र की शह पर दिल्ली पुलिस कार्रवाई कर रही है। आप नेता आशुतोष ने कहा कि जब तोमर का मामला पहले से अदालत में लंबित था तो दिल्ली पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने की जरूरत क्या थी। हालांकि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में गृह मंत्रालय की किसी तरह की भूमिका होने से इनकार किया है।
उधर, दिल्ली पुलिस ने कहा कि तोमर की दोनों डिग्रियों की जांच को गठित दो कमेटियों ने पाया है कि तोमर की बीएससी और कानून दोनों डिग्रियां फर्जी हैं। तोमर की बीएससी की डिग्री अवध विश्वविद्यालय से है। डिग्री पर फर्जी दस्तखत भी पाए गए। डिग्रियों पर जिन लोगों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था, उन लोगों ने अपने हस्ताक्षर होने से इनकार किया है। भगत ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने मामले की पूरी तरह जांच करने और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह से पालन करने के बाद तोमर की गिरफ्तारी की। तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468 और 120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तारी को दिल्ली की राजनीति का काला दिन करार देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे की मांग की है। श्री उपाध्याय ने कहा कि श्री तोमर की डिग्री का मामला काफी पहले सामने आ गया था, इसके बावजूद श्री केजरीवाल ने कोई कार्रवाई नहीं की, इसलिए उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। इससे पहले दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय माकन भी श्री तोमर के मामले में कार्रवाई नहीं करने पर श्री केजरीवाल से इस्तीफे की मांग कर चुके हैं।
श्री माकन ने कहा था कि देश के इतिहास में संभवत: यह पहली बार है, जब कानून मंत्री को कानून की फर्जी डिग्री के मामले में गिरफ्तार किया गया हो। उन्होंने कहा कि दिल्ली का नागरिक होने के नाते यहां के कानून मंत्री को फर्जी डिग्री मामले में पकड़े जाने पर उन्हें निजी रूप से अफसोस है। श्री केजरीवाल में नैतिकता है तो उन्हें मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।