Hindi English Sunday, 18 October 2026
BREAKING
• 70 फुट ऊंचे रावण और भव्य आतिशबाजी के साथ मनेगा सेक्टर 49 में दशहरा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन नंदोत्सव और तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव बड़े उत्साह से मनाया गया; भक्ति मंत्रों से गूंजा पंडाल • सी.आर.बी. पब्लिक स्कूल, सेक्टर-7 का वार्षिकोत्सव ‘झंकार’ बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ आयोजित • एमएसएमई क्षेत्र के लिए सुरक्षित भविष्य है नेशनल पेंशन सिस्टम योजना • दो दिवसीय नि:शुल्क एक्यूपंक्चर एवं मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आगाज़ • श्रीराम के आदर्श हमारे आचरण और सामाजिक जीवन का हिस्सा बनें : नरेश अरोड़ा • चंडीगढ़ में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, इंद्रेश महाराज के प्रवचनों और भजनों से कृष्णमय हुआ शहर • फोर्टिस मोहाली ने आधुनिक इमेजिंग, फ्लोरेसेंस-गाइडेड सर्जरी और रोबोटिक प्रक्रियाओं से स्तन कैंसर के इलाज को आगे बढ़ाया • श्रीमद्भागवत कथा एवं तृतीय वृंदावन प्राकट्य उत्सव का भव्य आयोजन आज से • भरत-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को किया इमोशनल

नेशनल

More News

भारत को संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष ईकाई का सदस्य बनाया जाना चाहिए: मोदी

Updated on Tuesday, June 09, 2015 14:43 PM IST

ढाका - संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी की मजबूत पैरवी करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को हैरानी जतायी कि विश्व की आबादी में छठा हिस्सा रखने वाले देश को आज तक भी विश्व की शक्तिशाली ईकाई में उसका वह उचित स्थान नहीं मिला जिसका वह हकदार है। बंगबंधु इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में अपने संबोधन में मोदी ने कहा कि भारत ने विश्व शांति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उसे २१वीं सदी की सच्चाइयों को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता दी जानी चाहिए। मोदी ने कहा,  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत को अभी भी जगह नहीं मिली है। विश्व में हर छठा व्यक्ति भारतीय है। शांति आदि के संबंध में उसे मजबूत आवाज रखने का अधिकार नहीं है, ये वैसी सोच है ?

 

अपने एक घंटे से अधिक के भाषण में मोदी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अवश्य यह अहसास होना चाहिए कि समय बदल गया है और उन्हें दुनिया को अलग तरह से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा,  संयुक्त राष्ट्र के 70 साल की अवधि छोटी नहीं होती। प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्वयुद्ध की छाया में संयुक्त राष्ट्र का जन्म हुआ था ,उस समय विश्व परिदृश्य अलग था। औद्योगिक क्रांति हुई थी। अब यह इंटरनेट क्रांति का समय है। समय बदल गया है लेकिन संयुक्त राष्ट्र आज भी उसी जगह पर है। भारत पिछले कुछ सालों से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग करता आ रहा है लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला है।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,  मैं खुले में और स्पष्ट रूप से यह कह सकता हूं कि समय बदल गया है ।भारत एक ऐसा देश है जिसने जमीन के लिए कभी किसी पर हमला नहीं किया। प्रथम विश्व युद्ध में 13 लाख भारतीय सैनिकों ने भाग लिया। भारत की जमीन के किसी टुकड़े की रक्षा के लिए नहीं बाह्नल्क उन्होंने दूसरों के लिए लड़ाई लड़ी और करीब 75 हजार सैनिकों ने अपना बलिदान दिया। इसके बावजूद कोई हमारे योगदान पर ध्यान नहीं दे रहा है, हमें इसका सबूत देना पड़ेगा। उन्होंने विश्व शांति में भारत के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध में करीब 15 लाख सैनिक दूसरे देशों के लिए युद्धरत शहीद हुए। मोदी ने दुनियाभर में संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक मिशनों में भारत के योगदान के बारे में जोर देकर कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र की शीर्ष ईकाई का सदस्य बनाया जाना चाहिए।

Have something to say? Post your comment
लॉर्ड्स विश्वविद्यालय चिकानी, अलवर, में दूसरा दीक्षांत समारोह का आयोजन.

: लॉर्ड्स विश्वविद्यालय चिकानी, अलवर, में दूसरा दीक्षांत समारोह का आयोजन.

राइटर कनेक्ट इंडिया का ‘राइटर यूथ पार्लियामेंट -2026’ भव्य आयोजन

: राइटर कनेक्ट इंडिया का ‘राइटर यूथ पार्लियामेंट -2026’ भव्य आयोजन

स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक भव्य ध्वजारोहण एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएं : केशव प्रसाद मौर्य

: स्वतंत्रता दिवस पर ग्राम पंचायत से लेकर जिला स्तर तक भव्य ध्वजारोहण एवं राष्ट्रभक्ति कार्यक्रम आयोजित किए जाएं : केशव प्रसाद मौर्य

अनुपूरक बजट प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को देगा नई गति : केशव प्रसाद मौर्य

: अनुपूरक बजट प्रदेश के समग्र एवं संतुलित विकास को देगा नई गति : केशव प्रसाद मौर्य

सावन मास भारतीय संस्कृति, आस्था एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक : केशव प्रसाद मौर्य

: सावन मास भारतीय संस्कृति, आस्था एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक : केशव प्रसाद मौर्य

दैनिक व्‍यवहार और कार्य संस्‍कृति का स्‍थायी हिस्‍सा बने स्‍वच्‍छता : डॉ पंचारिया

: दैनिक व्‍यवहार और कार्य संस्‍कृति का स्‍थायी हिस्‍सा बने स्‍वच्‍छता : डॉ पंचारिया

‘स्पेस में भारत की नई उड़ान’: विक्रम-1 से खुलेगा निजी अंतरिक्ष बाजार का रास्ता

: ‘स्पेस में भारत की नई उड़ान’: विक्रम-1 से खुलेगा निजी अंतरिक्ष बाजार का रास्ता

सीएसआईआर–सीरी, जयपुर में एडवांस्ड इंडस्ट्रियल आईओटी कार्यक्रम का समापन

: सीएसआईआर–सीरी, जयपुर में एडवांस्ड इंडस्ट्रियल आईओटी कार्यक्रम का समापन

बेंगलुरु के जल संकट ने प्लम्बेक्स इंडिया 2026 में भारत के प्लंबिंग और जल उद्योग को दिलाई प्रमुखता

: बेंगलुरु के जल संकट ने प्लम्बेक्स इंडिया 2026 में भारत के प्लंबिंग और जल उद्योग को दिलाई प्रमुखता

विभाजन की विभीषिका झेलने वालों की याद में  बनेगा राष्ट्रीय स्मारक

: विभाजन की विभीषिका झेलने वालों की याद में बनेगा राष्ट्रीय स्मारक

X