नई दिल्ली - भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने नेस्ले समेत सात कंपनियों के मंजूरी प्राप्त नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनी की जांच के आदेश दिए हैं तथा साथ ही बिना मंजूरी के बिक रहे उत्पादों को बाजार से वापस लिए जाने और नष्ट करने को कहा है। प्राधिकरण ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों को जारी निर्देश में कहा है कि नूडल्स, पास्ता और मैक्रोनो (टेस्टमेकर सहित) स्तरीय खाद्य पदार्थ नहीं हैं और इसलिए ये खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून, 2006 की धारा 22 के अंतर्गत आते हैं और इनके उत्पादन एवं बिक्री के लिए जारी मंजूरी शर्तों पर आधारित है।
उसने कहा कि नेस्ले के ‘मैगी नूडल्स’ तथा अन्य कंपनियों के नूडल्स की हाल में की गई जांच से उत्पन्न चिंता के मद्देनजर इन उत्पादों के नमूने लेकर प्राधिकृत प्रयोगशालाओं में उनकी जांच कराई जानी चाहिए। प्राधिकरण ने जहां नियामक मंजूरी लेकर बाजार में उतारे गए उत्पादों की प्रयोगशाला में जांच के आदेश दिए हैं, वहीं बिना मंजूरी के बिक रहे उत्पादों के बारे में कहा है कि खाद्य सुरक्षा आयुक्त इनका बाजार से वापस लिया जाना और नष्ट किया जाना सुनिश्चित करें। एफएसएसएआई ने मंजूरी प्राप्त जिन 32 पैक्ड खाद्य पदार्थों की जांच के आदेश दिए हैं, उनमें रुचि इंटरनेशनल के नूडल्स की एक वैरायटी, सीजी फूड्स इंडिया के नूडल्स तथा भुजिया की तीन वेरायटी, ग्लैक्सोस्मिथक्लिन कंज्यूमर हैल्थकेयर के ‘फूडल्स’ की 10 वैरायटी, नेस्ले इंडिया के ‘मैगी पास्ता’ की चार वेरायटी, एए न्यूट्रिशन के नूडल्स की तीन वैरायटी, इंडो निसिन फूड का टॉप रमन आटा मसाला, आईटीसी लिमिटेड के इंस्टेंट नूडल्स की तीन वैरायटी और नेस्ले इंडिया के ‘मैगी नूडल्स’ की नौ वेरायटी शामिल हैं।
प्राधिकरण ने जांच के लिए जो मानक जारी किए हैं, उसके मुताबिक इनमें नमी की अधिकतम सीमा 12.5 प्रतिशत, नमक से इतर ऐश की मात्रा एक प्रतिशत और हाइड्रोक्लोरिक एसिड में अघुलनशील ऐश की मात्रा 0.1 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा नाइट्रोजन की मात्रा 1.7 फीसदी से कम नहीं होनी चाहिए। धातुओं में सीसे की अधिकतम मात्रा 2.5 मिलिग्राम प्रति किलोग्राम, तांबा 3.0, आर्सेनिक 1.1, पारा 1.0, टिन 250, कैडमियम 1.5 तथा जिंक की मात्रा 50 मिलिग्राम प्रति किलोग्राम से अधिक नहीं होनी चाहिए। प्राकृतिक जहरीले पदार्थों में प्रति किलोग्राम नमूने में एफ्लाटॉक्सिन 30 माइक्रोग्राम, एगेरिक एसिड की 100 मिलिग्राम, हाइड्रोसाइनिक एसिड पांच मिलिग्राम तथा हाइप्रिसाइन एक मिलिग्राम से ज्यादा नहीं होने चाहिए।
उधर, राजस्थान के जालौर जिला की सांचौर थाना पुलिस ने कथित मिलावट वाले मैगी नूडल उत्पाद का प्रचार करने वाले फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, प्रीटि जिंटा और नेस्ले इंडिया से संबधित तीन अधिकारियों के खिलाफ अदालत के आदेश पर आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।