देहरादून - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैलास-मानसरोवर यात्रा के लिए नाथुला दर्रे का रास्ता भी खोलने को उत्तराखंड सरकार ने एक चुनौती के रूप में लिया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस यात्रा के लिए 50 करोड़ की राशि अतिरिक्त रूप से दी है तो कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) ने यात्रा को आरामदेह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। इस यात्रा के लिए केएमवीएन नोडल एजेंसी है। दिल्ली से चलने के बात तीर्थयात्रियों के जत्थे का पहला पड़ाव काठगोदाम में रहता है।
तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार यात्रियों का पहला जत्था 12 जून को काठगोदाम पहुंचेगा। यात्रा तैयारियों की खुद ही मानीटरिंग कर रहे केएमवीएन के प्रबंध निदेशक धीरज सिंह गर्ब्याल ने बताया कि बैस कैंपों में तीर्थयात्रियों को पहली बार गर्म पानी भी उपलब्ध कराया जाएगा। कई स्थानों पर रात्रि विश्राम के दौरान कुमाऊंनी और गढ़वाली लोककला पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से यात्रियों का मनोरंजन किया जाएगा।
कुछ बैस कैंपों में तीर्थयात्रियों के लिए स्थानीय और पारंपरिक व्यंजन भी लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इस बार तीर्थयात्रियों के रहने के लिए केएमवीएन के अतिथि गृहों को नए सिरे से सजाया-संवारा गया है। 1978 के बार पहली बार बिस्तर, बेड और फर्नीचर बदला गया है।