नई दिल्ली - देश में एक जून से सर्विस टैक्स 12.3 फीसदी से 14 फीसदी हो जाएगा। इससे सर्विस टैक्स के दायरे में आमजन से जुड़ी लगभग सभी सेवाएं खाद्य सामग्री, मोबाइल, परिवहन सेवाएं और पर्यटन महंगा हो जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से इस वर्ष फरवरी में बजट में सर्विस टैक्स वृद्धि की घोषणा की थी। मोटे तौर पर अनुमान लगाया जाए तो आमजन के मासिक खर्च में सर्विस टैक्स की बढ़ोतरी से करीब पांच सौ से एक हजार रूपए की बढ़ोतरी होगी।
अभी अधिकांश खाद्य सामग्री, रोजमर्रा की वस्तुओं का परिवहन सड़क मार्ग के जरिए होता है। इस सेवा पर टैक्स का दायरा बढ़ने के साथ ही तमाम खाद्य सामग्री व अन्य वस्तुएं महंगी हो जाएंगी। इस सेवा में औसत कम से कम सौ से दौ सौ रूपए सामान लाने पर अतिरिक्त कर चुकाना होगा। मोबाइल और केबल टीवी सेवा पर कर की बढ़ोतरी से इस सेवा में बीस से तीस रूपए प्रतिमाह का अतिरिक्त भार आमजन पर पड़ेगा।
ये सेवाएं भी होगी महंगी टेलीकम्युनिकेशन, स्टॉक ब्रोकर, जनरल इंश्योरेंस, कूरियर, रेडियो पेजर, ट्रेवल एंड टूर, कैब, सुरक्षा एजेंसी, रियल एस्टेट एजेंट, बिल्डर, सीए, आर्किटेक्ट, इंटिरियर डेकोरेटर, फोटोग्राफी, बैकिंग और फाइनेंशियल सर्विस, लाइफ इंश्योरेंस, केबल ऑपरेटर, ब्यूटी पार्लर, ड्राइक्लिनिंग, हैल्थ और फिटनेस सेंटर, कमर्शियल ट्रेनिंग एंड कोचिंग सेंटर, इंटरनेट कैफे, आउट डोर केटरिंग-पंडाल और शामियाना, टीवी व रेडियो प्रोग्राम, ट्रांसपोर्ट गुड्स वाया रोड, कंस्ट्रक्शन सर्विस इन रेसिडेंशियल, एटीएम, क्रेडिट कॉर्ड, डेबिट कार्ड, एयर ट्र्रेवल, माइनिंग ऑफ मिनरल, ऑयल एण्ड गैस, आईटी सर्विस, इनवेस्टमेंट इन यूलिप, सप्लाई ऑफ टेंजीबल गुड्स सर्विस, कॉस्मेटिक व प्लास्टिक सर्जरी, हैल्थ सर्विस, एयरकंडिशन रेस्टोरेंट, होटल, क्लब, गेस्ट हाउस सभी पर सर्विस टैक्स बढ़ेगा।