नई दिल्ली - मानसून शनिवार को केरल तट पर पहुंच जाएगा। इस बार मानसून समय से दो दिन पहले पहुंच रहा है। हालांकि भारत के अन्य हिस्सों को मानसून की पहली बारिश के लिए कुछ इंतजार करना पड़ेगा। मौसम विभाग ने मध्य भारत में मानसून के 20 जून से पहले नहीं पहुंचने की संभावना जताई है। इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) ने कहा कि मानसून केरल में समय से पहले दस्तक देगा, लेकिन उसके बाद उसकी रफ्तार सामान्य से कम रहने की संभावना है।
मौसम विभाग पहले ही इस साल औसत से कम बारिश की आशंका जता चुका है। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत पुणे स्थित आईआईटीएम ने कहा है कि छह जून के आसपास दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश बढऩे की संभावना है। साथ ही अगले 10 से 15 दिनों के लिए मानसून के उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी प्रायद्वीप तक ही सीमित रहने की उम्मीद है। आईआईटीएम के वैज्ञानिक के मुताबिक मध्य अरब सागर स्थित विरोधी चक्रवात के कारण अरब सागर से जो केरल तट की तरफ हवा आ रही है, उसकी स्थिति मजबूत नहीं है।
मानसून आने में हवाओं की अहम भूमिका रहती है। यदि हवाएं निर्धारित रफ्तार से चलती हैं तो समय पर मानसून आ जाएगा। नहीं तो समय में बदलाव भी हो सकता है