नई दिल्ली - टूजी स्पेक्ट्रम आबंटन मामले में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप बैजल के आरोपों के बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपने पद का कभी भी गलत इस्तेमाल नहीं किया। डा. सिंह ने उन पर और पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार पर लग रहे भ्रष्टाचार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मैंने अपने, अपने परिवार या अपने मित्रों को आर्थिक फायदा पहुंचाने के लिए कभी भी अपने पद का इस्तेमाल नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी दूसरे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रही है। गौर हो कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी सरकार के एक वर्ष पूरे होने के मौके पर मथुरा में आयोजित जनसभा में पिछली संप्रग सरकार के समय घोटाले और भ्रष्टाचार होने का आरोप लगाया था। ट्राई के पूर्व अध्यक्ष श्री बैजल ने भी अपनी किताब में दावा किया है कि डा. सिंह ने उन्हें धमकी दी थी कि अगर उन्होंने टूजी आबंटन में सहयोग नहीं किया तो उन्हें उसका नुकसान उठाना पड़ेगा।
कांग्रेस की छात्र शाखा एनएसयूआई के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए डा. सिंह ने मोदी सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए खतरा पैदा हो गया है और वह असहमति को दबा रही है। मौजूदा सरकार पुरानी योजनाओं को ही नए नाम से लागू कर रही है। विपक्ष में रहते हुए भाजपा इनका विरोध करती थी और अब इन्हें लागू करने का श्रेय ले रही है।
उधर, भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि देश का सब कुछ लुटाने के बाद चारों तरफ से घिरने पर उन्होंने आत्मरक्षा में अपनी चुप्पी तोड़ी है। भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि डा. सिंह आज चुप्पी तोड़ रहे हैं, जब सब कुछ लुट चुका है। आज यह सच्चाई सबके सामने है कि उन्होंने अपने दस साल के शासनकाल में भ्रष्टाचार की अनदेखी की थी।