रेवाड़ी - दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए एक हादसे ने सभी को हिला दिया। सुबह 9 बजे कंप्यूटर सेंटर जाने के लिए सडक़ किनारे ऑटो का इंतजार कर रही 2 छात्राओं के ऊपर बंजरी से भरा डंपर पलट गया। एक की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि दूसरी के दोनों पैर कटकर अलग हो गये। बिना पैरों के ही उसे उपचार के लिए रेवाड़ी भेजा गया, जहां वह जिंदगी और मौत से जूझ रही है। बाद में उसके पैरों को डंपर के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
गांव आसलवास में इस समय मातम छाया हुआ है। दुर्घटना के बाद गुस्साए लोगों के कारण हाईवे पर 2 घंटे तक जाम लगा रहा। बजरी से भरा एक ओवरलोड डंपर सुबह जयपुर से दिल्ली की ओर जा रहा था। गांव आसलवास कट के पास यह अचानक असंतुलित होकर पलट गया। जहां डंपर पलटा वहां पर रेवाड़ी के कन्या महाविद्यालय में पढऩे वाली प्रथम वर्ष की छात्रा गांव आसलवास निवासी सोनी उर्फ विजेता और ललिता आटो का इंतजार कर रही थीं।
दोनों कंप्यूटर कोर्स करने के लिए रोजाना रेवाड़ी के बाल भवन स्थित सेंटर पर जाती थीं। दोनों सहेली डंपर के नीचे दब गयीं। लोग मदद के लिए दौड़े, लेकिन छात्राओं को निकाला नहीं जा सका। एक घंटे तक न तो पुलिस पहुंची और न ही एंबुलेंस। एंबुलेंस देरी से पहुंची तो गुस्साये लोगों ने उसके शीशे तोड़ दिये।