कौशांबी - उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में सिराथू और अटसराय रेलवे स्टेशनों के बीच सोमवार दोपहर टाटानगर-जम्मू तवी मूरी एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से पांच यात्रियों की मृत्यु हो गई और 200 से अधिक घायल हो गए। घायलों में दस की हालत नाजुक बताई गई है। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून -व्यवस्था) दलजीत चौधरी ने एक यात्री के मरने की पुष्टि की है, जबकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मृतकों की संख्या पांच बताई जा रही है।
चौधरी ने बताया कि दुर्घटना इतनी भीषण थी कि दो डिब्बे एक-दूसरे पर चढ़ गए, जबकि करीब आठ अन्य डिब्बे पटरी से उतर गए। राहत एवं बचाव कार्य के लिए स्थानीय पुलिस के साथ ही पीएसी की चार कंपनियां मौके पर जुट गई थीं। नई दिल्ली में रेलवे बोर्ड के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि दुर्घटना में स्लीपर के एस-3, एस-4, एस-5, एस-6, बी-1, बी-2, बी-3 और ए-1 पटरी से उतर गए। इसके अलावा एक जनरल कोच पलट गया है।
उन्होंने बताया कि हादसे में हताहत हुए लोगों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए इलाहाबाद में 0532-1072 और कानपुर में 0512-1072 हेल्पलाइन सेवा शुरू कर दी है। श्री सक्सेना ने बताया कि इस दुर्घटना से दिल्ली-हावड़ा ट्रंक मार्ग के कानपुर-इलाहाबाद रेलखंड पर यातायात बाधित हो गया है। करीब 90 यात्री गाडिय़ों सहित 170 गाडिय़ां प्रभावित हुई हैं। इन्हें परिवर्तित मार्ग से चलाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल को सतर्क कर दिया गया है। मुरी एक्सप्रेस सवा तीन घंटे विलंब से चल रही थी।
इलाहाबाद में उत्तर-मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि दुर्घटना होते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और उन्होंने यात्रियों की मदद की। दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन के मृतक यात्रियों के आश्रितों को दो-दो लाख रुपए बतौर सहायता देने और घायलों का मुफ्त इलाज किए जाने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री इस समय नीदरलैंड और फ्रांस के दौरे पर हैं। उन्होंने वहीं से फोन पर मुख्य सचिव को उक्त आदेश दिए हैं। उन्होंने बाकी यात्रियों को उनके गंतव्य तक समुचित साधन से पहुंचाने के समुचित इंतजाम करने के भी निर्देश दिए हैं।