लुधियाना - आम आदमी पार्टी से निष्कासित नेता योगेंद्र यादव ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा दिल्ली सरकार के कुछ नेताओं के तबादले को लेकर अपनाई नीति को नौंटकी एवं अपरिपक्वता वाली पहुंच बताया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के कार्यालयों को ताले लगाना कोई सूझबूझ वाली बात नहीं है। वह आज यहां उनके समर्थकों द्वारा आयोजित ‘स्वराज संवाद लहर’ कार्यक्रम में भाग लेने आये हुए थे। इस अवसर पर दिल्ली को पूरा राज्य घोषित करने की मांग का जोरदार समर्थन किया।
उन्होंने कहा कि यदि इस समस्या का कोई कानूनी हल निकल सकता है तो किसी को कोई आपित्त नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिल्ली की वर्तमान व्यवस्था में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले इत्यादि वहां कि निर्वाचित सरकार के अधिकार में नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि देश के हर प्रधानमंत्री को विदेशी दौरे करने चाहिए, लेकिन उनको पब्लिसिटी स्टंट नहीं बनाना चाहिए। यादव ने यह भी कहा कि मोदी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नकल कर रहे हैं, लेकिन वह भूल गये कि श्री नेहरू के पास विदेश मंत्रालय भी था।
लेकिन मोदी अपनी विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज को कभी अपने साथ लेकर नहीं गये। यादव ने कहा कि उनके सहयोगियों ने पंजाब के लोगों को पेश आ रही समस्याओं और अन्य मुद्दों की पहचान कर ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने किसानों से विश्वासघात किया है। किसानों की समस्याओं और मोदी के उनके प्रति चुनावी वायदों को लेकर वह किसानों के एक रोष मार्च का संसद के आगामी मानसून अधिवेशन में आयोजन करेंगे।