नई दिल्ली - भले ही कहा जाता हो कि भारत में क्रिकेट में जमकर पैसा बरसता है लेकिन दृष्टिहीन क्रिकेट टीम की कहानी तो इससे उलट है। कुछ दिनों पहले इस टीम ने दृष्टिहीन क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था लेकिन कप्तान शेखर नायक की मंथली कमाई केवल 13 हजार रूपये है। न उनके पास सरकारी नौकरी है और न ही कोई प्रायोजक। नायक कहते हैं कि मैंने खेल मंत्रालय को सरकारी नौकरी देने के लिए कहा था लेकिन मुझे अब भी इसका इंतजार है। वे कर्नाटक में एक विशेष योग्यजनों के लिए चल रहे एनजीओ में स्पोर्ट्स कॉर्डिनेटर के रूप में काम करते हैं। नायक के माता-पिता का बचपन में ही निधन हो गया था। उनका बचपन हॉस्टल में गुजरा।
वे कहते हैं कि पिछले साल जब हमने वर्ल्ड कप जीता तो केवल चुनिंदा लोगों ने ही इस पर बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, सचिन तेंदुलकर और वर्तमान टीम इंडिया के दो खिलाडियों विराट कोहली व शिखर धवन ने ही उनकी जीत पर ट्वीट कर बधाई दी। हमें ऐसे समर्थन की जरूरत है। टीम अब इंग्लैण्ड दौरे पर जा रही है और नायक को विश्वास है कि वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे।