नई दिल्ली - सरकार ने घरों और विभिन्न संस्थानों के पास पड़े हजारों टन सोना के माध्यम से इसके आयात को कम करने के उद्देश्य से लाई जाने वाली स्वर्ण मुद्रीकरण योजना का प्रारूप मंगलवार को जारी किया। इसमें 30 ग्राम तक सोना जमा करने और उस पर पूंजीगत लाभ कर, संपत्ति कर और आयकर से छूट का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार इस प्रारूप को सार्वजनिक करते हुए आम लोगों से इस पर दो जून, 2015 तक अपने विचार भेजने का आग्रह किया है।
इसे मायजीओवीडॉटइन पर जारी किया गया है। इसी के माध्यम से विचार भी मांगे गए हैं। प्रारूप में किए गए प्रावधानों के लागू होने पर 30 ग्राम सोना भी बैंक में जमा किया जा सकेगा। उदाहरण के रूप में यदि कोई ग्राहक बैंक में 100 ग्राम सोना जमा कराता है और एक प्रतिशत ब्याज दिया जाता है तो परिपक्वता पर उसे 101 ग्राम सोना उसके खाता में होगा। प्रारूप में कहा गया है कि ग्राहक को परिपक्वता पर नकद या सोना में से किसी एक के चयन का अधिकार होगा, लेकिन ग्राहक को अपनी प्राथमिकता सोना जमा कराते समय ही देनी होगी।
देश में अभी करीब 20 हजार टन सोना होने का अनुमान है और हर वर्ष करीब एक हजार टन सोना आयात किया जा रहा है। सरकार इस योजना के माध्यम से सोना आयात को भी हतोत्साहित करना चाहती है। प्रारूप में कहा गया है कि इसके लिए वृहद इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता के मद्देनजर प्रारंभ में यह योजना कुछ चुनिंदा शहरो में शुरू की जाएगी। आकलन और सोना रिफाइनिंग के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने पर इसे दूसरे शहरों में भी शुरू किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 45 मिनट का समय लगने का अनुमान है।
इसके बाद ग्राहक की अनुमति पर सोना को गलाया जाएगा और शुद्ध सोना निकाला जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में तीन से चार घंटे का समय लगेगा। इसके बाद भी यदि ग्राहक संतुष्ट नहीं होगा तो वह सोने की छड़ वापस ले जा सकेगा और यदि ग्राहक राजी होगा तो उसे जमा करने का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र के माध्यम से बैंक में सोना जमा खाता खोला जा सकेगा और बैंक को जमा सोना पर ब्याज दरें तय करने की छूट होगी।