नई दिल्ली - भूकंप के जोरदार झटकों ने मंगलवार को फिर नेपाल, भारत और चीन को हिला दिया। 7.4 तीव्रता के इस भूकंप से भारत में 17 और नेपाल में 42 लोगों के मरने की खबर है। इस तबाही में एक हजार से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी है। अफगानिस्तान में भी 6.9 की तीव्रता से झटके महसूस हुए। भूकंप का केंद्र चीनी सीमा से सटा नेपाल के गांव कोडारी बताया जा रहा है। 25 अप्रैल को आए भूकंप की त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहा नेपाल भूकंप के इन ताजा झटकों एक बार फिर सिहर उठा।
एक के बाद एक आए छह झटकों से लोगों में दहशत फैल गई और घबराहट में घरों और दफ्तरों से निकल कर मैदानों में आ गए। भारत के दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल राज्यों में तेज झटके महसूस किए गए। बिहार में 10 मौतें हुई हैं। पुलिस प्रवक्ता कमल सिंह बाम ने कहा कि सिंधुपाल चौक जिला के चौतारा कस्बे में चार, जबकि काठमांडू में तीन व्यक्तियों की मौत हो गई। श्री बाम ने कहा कि मृतकों की संख्या बढऩे की संभावना है, क्योंकि अन्य इलाकों से खबरें आनी अभी बाकी हैं। उन्होंने कहा कि हादसे में दर्जनों इमारतें धराशायी हो गई हैं।
नेपाल के काठमांडू में भी तेज भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेपाल में तीन जगह भू-स्खलन की खबर है। उधर, नुकसान से बचने के लिए काठमांडू एयरपोर्ट को एक बार फिर बंद कर दिया गया है। काठमांडू जा रही जेट एयरवेज की फ्लाइट को लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया है। एवरेस्ट बेस कैंप भी खाली करा लिया गया है। अप्रैल में आए भीषण में सुरक्षित रहे काठमांडू के घंटघर में ताजा झटकों से दरार आ गई है और घड़ी बंद हो गई है। छह झटकों की तीव्रता 7.4 से लेकर 4.8 के बीच रही। नेपाल के डिप्टी पीएम प्रकाश मान सिंह ने बताया कि सिंधुपाल चौक में कई इमारतें ढह गई हैं। कई क्षेत्रों में सडकें ब्लाक हो गई हैं।
इसके अलावा काठमांडू में भी कई इमारतों के गिरने की खबर है। अमरीकी जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा है कि नेपाल केंद्र वाले भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र नेपाल के दोलाखा और सिंधुपाल चौक के बीच कोडारी में रहा, जो जमीन से 19 किमी नीचे था। वहीं, अफगानिस्तान वाले भूकंप की तीव्रता 6.9 रही। स्थानीय समय के अनुसार पहला झटका दोपहर 12:35 बजे महसूस किया गया। अमरीका जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 7.4 थी। इसका केंद्र नेपाल के कोडारी है। ये झटके पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश तक महसूस किए गए।
नेपाल में 25 अप्रैल को आए महाभूकंप में आठ हजार से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गंवाई थीं। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले दिनों में भूकंप के और झटके आ सकते हैं, हालांकि ये झटके छोटे होंगे। मौसम विभाग के महानिदेशक ने कहा कि भूकंप के आफ्टर शॉक आने की आशंका है। काठमांडू में दोपहर दो बजकर 30 मिनट तक सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। नॉटाम ने कहा कि इस दौरान किसी भी फ्लाइट को न टेकऑफ किया जाएगा और न ही लैंड की जाएगी। दिल्ली और कोलकाता में मेट्रो ट्रेन को भी रोक दिया गया।
उधर, भूकंप झटकों पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ की टीम को अलर्ट जारी कर दिया गया है। उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि नेपाल में दोबारा आए भूकंप के मद्देनजर अधिकारियों को बचाव व राहत अभियान के लिए तैयार रहने का निर्देश दे दिया गया है। मोदी ने ट्वीट किया कि उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को जरूरत पडऩे पर बचाव व राहत अभियान के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा किए गए एक ट्वीट के मुताबिक,एक उच्चस्तरीय बैठक में मोदी ने नेपाल तथा भारत के हिस्सों में आए भूकंप पर हालात का जायजा लिया।