जोधपुर - जमानत की उम्मीद लगाए बैठे आसाराम की उम्मीदों को मंगलवार को झटका लगा है। नाबालिग के यौन उत्पीडऩ के मामले में उनकी 2 याचिकाओं को राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। मंगलवार को इस मामले में जस्टिस विजय बिश्नोई की अदालत में सुनवाई हुई। इसमें जस्टिस बिश्नोई ने आसाराम के अधिवक्ताओं की ओर से दायर 2 आपराधिक याचिकाओं को खारिज कर दिया। पहली याचिका से जुड़े मामले में जिला न्यायालय में गवाह सब इंस्पेक्टर मुक्ता पारीक के बयान और कुछ दस्तावेज रिकॉर्ड को लेकर बचाव पक्ष को एतराज था।
वहीं, दूसरी याचिका से जुड़े मामले में गवाह एसआई नितिन दवे के पुन:परीक्षण को लेकर बचाव पक्ष ने एतराज किया था, जिसे राजस्थान हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। जिला न्यायालय की ओर से अभियोजन की अर्जी को स्वीकार करने पर आसाराम के अधिवक्ताओं ने इसे राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। राजस्थान हाईकोर्ट में पिछली सुनवाई के बाद कोर्ट ने निर्णय सुरक्षित रखा गया था। जस्टिस विजय विश्नोई ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए आसाराम की याचिका को खारिज कर दिया।
हाईकोर्ट ने माना कि अभियोजन पहले दसवीं की अंकतालिका प्रदर्शित नहीं कर पाया, जबकि पॉक्सो की ट्रायल में यह अहम दस्तावेज है। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अभियोजन पक्ष को राहत दी है, तो वहीं आसाराम को हाईकोर्ट से निराशा हाथ लगी।