नई दिल्ली - आम आदमी पार्टी (आप) की किसान रैली में राजस्थान के कृषक गजेंद्र सिंह के खुलेआम आत्महत्या कर लेने के बाद चौतरफा आलोचनाओं से घिरी आप के नेताओं के तेवर अब ढीले पडऩे लगे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस घटना के बाद अपना भाषण जारी रखने के लिए शुक्रवार को यहां सार्वजिनक रूप से माफी मांगी, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली में पार्टी के संयोजक आशुतोष फूट-फूट कर रोए।
हालांकि भाजपा और कांग्रेस ने इस माफी की मांग को राजनीतिक स्टंट करार दिया। केजरीवाल ने माना कि गजेंद्र के आत्महत्या करने की घटना के बावजूद अपना भाषण जारी रखना गलत था और इसके लिए मैं माफी मांगता हूं। आप की दिल्ली इकाई के संयोजक आशुतोष, जिन्होंने बुधवार को इस घटना के बाद कड़े तेवर अपना रखे थे, शुक्रवार को एक टीवी चैनल पर मृतक की बेटी मेघा के साथ बातचीत में फफक-फफक कर रोए और कहा कि मैं और मेरी पार्टी गुनाहगार हैं।
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस से अपील की कि वे इस मामले में राजनीति नहीं करें। गजेंद्र की बेटी मेघा ने कहा कि मेरे पिता खुदकुशी नहीं कर सकते थे। उसने न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि जिसने भी मेरे पिता को खुदकुशी के लिए उकसाया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। आशुतोष ने कहा कि गजेंद्र की मौत को लेकर हमारी पार्टी और हम पर साजिश के आरोप लगाए गए। हम गंदी राजनीति करने नहीं आए हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि गजेंद्र की मौत पर सियासत न की जाए, क्योंकि ऐसी राजनीति से कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है।
किसान गजेंद्र की मौत पर बुरी तरह घिरी आम आदमी पार्टी अब उनके नाराज परिजनों को मनाने में जुट गई है । दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की माफी के बाद आप नेता संजय सिंह पार्टी के कुछ विधायकों के साथ गजेंद्र के दौसा स्थित घर गए और परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने इस घटना पर खेद जताते हुए गजेंद्र की बेटी नेहा को हाथ जोड़े। इस मुलाकात के बाद संजय सिंह ने कहा कि गजेंद्र के परिजनों ने उनके सामने दो मांगें रखी हैं।
परिजनों ने कहा है कि गजेंद्र किसानों के मुद्दे पर शहीद हुए हैं, इसलिए दिल्ली सरकार उन्हें शहीद का दर्जा दे। परिजनों ने दिल्ली सरकार से परिवार के किसी एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग की है। उन्होंने कहा कि इस दोनों मांगों के बारे में वह केजरीवाल को बताएंगे। उन्हें उम्मीद है कि दिल्ली सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी।