मुंबई - देशभर में असमय बारिश और ओलों से खेतों में लगे खराब फसल के अंबार से हताश किसानों की आत्महत्या का सिलसिला थमता नजर नही आ रहा है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से हाल ही जारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से मार्च 2015 तक प्रदेश में 601 किसान आत्महत्या कर चुके हैं। यानी महाराष्ट्र में हर रोज करीब 8 किसान सुसाइड कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, साल 2014 में महाराष्ट्र में करीब 1900 किसानों ने सुसाइड किया था।
इस हिसाब से पिछले साल की तुलना में इस बार सुसाइड का आंकड़ा करीब 30 फीसदी तक बढ़ गया है। ये हालात ऐसे दौर के हैं, जब महाराष्ट्र की बीजेपी सरकार लगातार किसानों के मुद्दे पर गंभीरता से ध्यान देने की बात कर रही है। महाराष्ट्र के विदर्भ में सुसाइड के सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस भी विदर्भ इलाके से है। जनवरी से लेकर मार्च तक विदर्भ में 310 किसानों ने सुसाइड किया था। विदर्भ जनांदोलन कमेटी के किशोर तिवारी ने बताया कि 1900 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से दिए जाते हैं, साथ ही बैंक सरकार के निर्देशों को नजरअंदाज करते हुए लगातार किसानों से पैसे मांगते रहते हैं।