बड़ौदा - एक मां अपने बच्चों के लिए मौत के लिए क्या कर जाती है और इस बात का ताजा उदाहरण बड़ौदा में सामने आया है, जहां एक मां ने अपनी बेटी को मौत के मुंह से वापस लेकर आई है। ठिकरिया मुबारक गांव में रहने वाली महिला ने हिम्मत दिखाते हुए अपनी बेटी को मगरमच्छ के जबड़ों के चुगल से बचा लिया। शुक्रवार को गांव की रहने वाली 19 वर्षीय कांता विश्वामित्री नदी पर कपड़े धोने गई थी।
जब वह अपने काम में मगन थी तभी एक मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया और नदी में खींचने लगा। बेटी के चीखने की आवाज सुनकर उसकी मां दिवाली उसे बचाने दौड़ी। मां ने बेटी का हाथ थामा और दूसरे हाथ में कपड़े धोने की मोगरी से मगरमच्छ पर हमला कर दिया। 10 मिनट तक चले इस एनकांडटर में मां की हिम्मत जीत गई और मगरमच्छ कांता को छाडक़र वहां से चला गया। कांता को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
यह पहली बार नहीं जब किसी ग्रामीण पर मगरमच्छ ने हमला किया हो, इससे पहले 25 मार्च को भी पाडरा के मेढ़ाद गांव में एक व्यक्ति इसका शिकार हो चुका है। वन विभाग के अधिकारी, अशोक पंड्या के अनुसार, ग्रामीणों को नदी से दूर रहने की हिदायत दी जा चुकी है लेकिन वो फिर भी वहीं कपड़े धोने जाते हैं।