गुडग़ांव - गांव उल्लावास में एक श्रमिक की मौत पर साथी मजदूरों ने जमकर हंगामा मचाया। तोडफ़ोड़ की। मौके पर भारी पुलिस बल पहुंचने के बाद स्थिति पर नियंत्रण हो पाया। श्रमिकों का आरोप है कि खाने में जहर देने की वजह से श्रमिक की मौत हुई है। लाइटन एशिया नामक कंस्ट्रक्शन कंपनी की अस्थाई कालोनी है। इसमें दो हजार से अधिक श्रमिक रहते हैं। झारखंड निवासी 40 वर्षीय श्रमिक बुद्धन चौधरी भी यहीं रहता था। वह अन्य दिनों की तरह ही रात में खाना खाकर सो गया।
सुबह जब वह समय से नहीं उठा तो साथी श्रमिकों ने जगाने का प्रयास किया। काफी देर तक प्रयास करने के बाद भी जब वह नहीं उठा तो सभी ने मान लिया कि उसकी मृत्यु हो चुकी है। यह बात जंगल में आग की तरह सभी श्रमिकों में फैल गई। इसके बाद श्रमिकों ने सामने जितनी भी खड़ी गाडिय़ा देखी सभी को निशाना बना लिया। कंपनी कार्यालय में भी तोडफ़ोड़ की। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर भारी संख्या में पुलिस वाले पहुंच गए। इसके बाद स्थिति काबू में आई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की सूचना मिलते ही श्रम विभाग के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों के सामने श्रमिकों ने आरोप लगाया कि बुद्धन चौधरी की मौत खाने में जहर देने से हुई है। हालांकि इस आरोप को न ही श्रम अधिकारी और न ही पुलिस अधिकारी मानने को तैयार हैं। क्योंकि सभी श्रमिकों का खाना एक ही जगह तैयार होता है। यदि खाने में जहर होता तो अन्य श्रमिक भी प्रभावित होते। एसीपी क्राइम राजेश कुमार ने बताया कि श्रमिकों के आरोप के अनुरूप जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद फिर खाने में जहर मिला था या नहीं, इसकी जांच के लिए सैंपल लैब में भेजे जाएंगे। वैसे लगता नहीं है कि मौत जहर से हुई है। किसी अन्य बीमारी से श्रमिक ग्रसित रहा होगा या फिर हार्ट अटैक से मौत हुई होगी।