वाराणसी - विश्व भ्रमण पर निकला सौर ऊर्जा से चलने वाला विमान इंपल्स-2 बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचेगा। प्लेन ने सुबह गुजरात के अहमदाबाद एयरपोर्ट से वाराणसी के लिए टेक ऑफ किया। इससे पहले विमान के चालक दल ने प्लेन का तकनीकी निरीक्षण किया गया। हालांकि सीमा शुल्क से जुड़े कुछ मु्द्दों के चलते प्लेन करीब दो घंटे की देरी से उड़ान भर सका। वाराणसी से यह विमान अपने अगले पड़ाव म्यांमार के लिए उड़ान भरेगा।
इससे पहले 13 मार्च को एसआई-२ टीम ने खराब मौसम के चलते वाराणसी के लिए उड़ान न भरने का निर्णय लिया था। इसके उपरांत उड़ान को 17 मार्च तक टाल दिया गया, जिसके बाद उड़ान भरना तय हुआ। सौर ऊर्जा चालित विश्व के इस पहले 1 सीट वाले विमान की विशेषताएं भी अनोखी और दूसरे विमानों से अलग हैं। सूर्य की किरणों से शक्ति प्राप्त कर यह विमान समुद्र और विभिन्न महाद्वीपों से होते हुए पूरी दुनिया का चक्कर सोलर इंपल्स कार्बन फाइबर से बना है।
इसके विशाल डैने 72 मीटर लंबे हैं जोकि बोइंग से भी बड़े हैं। विमान का वजन मात्र 2300 किलोग्राम है। यह दुनिया का पहला ऐसा सौर विमान है जो दिन और रात में समान रूप से उड़ान भर सकता है। ये विशुद्ध रूप से सौर ऊर्जा से संचालित है और इसमें परंपरागत ईंधन कतई इस्तेमाल नहीं होता है। विमान के पंखों में लग सोलर सेलों के जरिए इलोह्नक्ट्रक मोटर को परिवर्तनीय ऊर्जा मिलती है। सोलर सेलों से लिथियम पॉलिमर बैट्रियां चार्ज होती हैं जिनकी बदौलत विमान रात में भी सौर ऊर्जा से उड़ान भरता है। यह विमान 60 से 70 किमी/घंटे की रफ्तार से उड़ान भरता है।