चंडीगढ़ - भारत के थल सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने देश के पूर्व सैनिकों को आश्वस्त किया कि एक अप्रैल 2014 से वन रैंक-वन पैंशन का लाभ लागू होने के साथ ही एरियर सहित मिलेगा। उन्होंने साफ किया कि वन रैंक-वन पैंशन का स्वरूप वैसा ही होगा जैसा वो चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रक्षामंत्री का तमाम पूर्व सैनिकों की ओर से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि 7वें वेतन आयोग के संदर्भ में भी वे सेना की ओर से लगातार प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
सेना प्रमुख आज झज्जर जिले के पुलिस लाइन परिसर में वीर सेनानी रैली के शुभारंभ अवसर पर पूर्व सैनिकों, वीर नारी, युद्ध विरांगनाओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि सेना का उद्देश्य है कि पूर्व सैनिकों, वीर नारी, युद्ध विरांगनाओं व शहीदों के आश्रितों को पूरा मान-सम्मान दिया जाए। जनरल दलबीर सिंह ने सैन्य आपरेशन में डिस्बेल हुए सैनिकों को ट्राई स्कूटर वितरित किए तथा वीर नारियों एवं वीरांगनाओं को विभिन्न योजना के अंतर्गत अनुदान राशि एवं सहायता भी प्रदान की। जनरल सुहाग पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों से बिना किसी दूरी के मिले और उनका हाल-चाल जाना।
अपनी पत्नी नमिता सुहाग के साथ झज्जर पहुंचे जनरल दलबीर सिंह ने पूर्व सैनिकों के बीच भरोसा दिलाया कि हम सैनिक कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं और इसी कड़ी में भारतीय सेना की ओर से सेवारत एवं पूर्व सैनिकों के हित में कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने ऐलान किया कि आगामी कुछ महीनों में सेना की ओर से इस तरह की व्यवस्था की जा रही है कि सैनिक के सेवानिवृत होने से पहले ही उन्हें एक बायोमैट्रिक कार्ड दिया जाएगा जिसमें रिटायरमेंट, ईसीएच, कैंटीन व वेटर्न कार्ड सरीखी सुविधाएं एक ही कार्ड में उपलब्ध होंगी ताकि उन्हें सेवानिवृत होने उपरांत किसी भी प्रकार से संबंधित कार्ड बनवाने के लिए परेशानी न उठानी पड़े।
उन्होंने बताया कि इंडिया गेट दिल्ली के साथ वार मैमोरियल व म्यूजियम स्थापित होगा। साथ ही दिल्ली में करीब 6 एकड़ जमीन पर नए थल सेना भवन का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि देश में सीएसडी कैंटीन की संख्या बढ़ाने के साथ सेना मोबाइल सीएसडी कैंटीन की अवधारणा को व्यापक रूप से लागू करने जा रही है। साथ ही मोबाइल डिस्पेंसरी के लिए भी सेना की ओर से पहल की गई है।
सेना प्रमुख ने डिसेबल सोल्जर की पैंशन के लिए उनकी डिसेबिलिटी के मापदंडो में परिवर्तन किया है ताकि अधिकतम डिसेबल सोल्जर को पैंशन का फायदा मिले। उन्होंने कौशल विकास पर भी जोर देते हुए कहा कि जवानों को सेवानिवृत उपरांत उनके कौशल के अनुरूप ही रोजगार के अवसर की उपलब्धता सुनिश्चित हो इसके लिए उन्हें रूचि अनुसार कोर्स कराए जाने का प्रावधान भी सेना की ओर से किया जाएगा। शिक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रयास है कि सेना के तकनीकी व मैडिकल कालेज संस्थानों की संख्या को और अधिक बढ़ाया जाए।