मुजफ्फरपुर - बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में नौ जनवरी को अपहृत छात्र भारतेंदु का शव अजीजपुर गांव में मिलने के बाद रविवार को हिंसा से जिले का सरैया क्षेत्र धधक उठा। आक्रोशित लोगों ने आरोपी समेत 50 मकानों व कई वाहनों को आग लगा दी। आगजनी व हमले में चार लोगों की मौत हो गई। कई लोग घायल हो गए, मवेशियों के भी मरने की खबर है। स्थिति पर नियंत्रण के लिए आसपास के थानों की पुलिस बुलानी पड़ी।
सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की। इंटर का छात्र भारतेंदु सरैया थाना के बहिलवारा गांव से लापता हो गया था। वह मुजफ्फरपुर स्थित एलएस कॉलेज का छात्र था। सरैया थाने में परिजनों ने उसके अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वसी अहमद के पुत्र विक्की पर दुश्मनी के कारण अपहरण कर हत्या का आरोप लगाया गया था। रविवार को ग्रामीणों ने अजीजपुर में गेहूं के खेत में शव मिलने के बाद हमला कर दिया। अजीजपुर के कई लोग घर छोड़ चले गए।
इसके बाद घरों व वाहनों को आग लगा दी, जिसमें ट्रैक्टर आदि राख हो गए। सूचना पर तिरहुत के प्रमंडलीय आयुक्त अतुल कुमार व जोनल आइजी पारस नाथ के साथ कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस को भी आक्रोशितों ने खदेड़ दिया। उसके बाद पर कई थानों की पुलिस बुलाई गई। शाम को आला अधिकारियों की मौजूदगी में जमीन से शव निकाला गया। सरकार ने गृह सचिव सुधीर कुमार और एडीजी (मुख्यालय) गुप्तेश्वर पाण्डेय की दो सदस्यीय संयुक्त जांच टीम गठित की है।
तनाव वाले क्षेत्र में करीब तीन सौ जवानों को तैनात किया गया है। घटना में मारे गए व्यक्ति के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा व घायलों के इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने व संयमित रहने की अपील की है। सीएम ने कहा कि घटना में दोषी पाए गए व्यक्तियों के खिलाफ सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।