सागर - मध्य प्रदेश के जबेरा के गुबरागंज के पास सडक पार कर रही एक चार वर्षीय मासूम को एक लक्जरी कार ने चपेट में ले लिया और उसे घसीटते हुए ले गई। सामूम कार के अगले हिस्से में फंस गई और चालक ने कार रोकने की बजाय उसकी रफ्तार बढा दी। कई स्थानों पर बेरीकेटिंग की गई, लेकिन वह उन्हे तोडता हुआ निकल गया। घटनास्थल से करीब 38 किलोमीटर दूर मासूम का सिर और 43 किलोमीटर दूर उसका धड सडक पर गिरा। मंगलवार को हुए इस ह्वदय विदारक हादसे ने लोगों के रोंगटे खडे कर दिए।
चालक को कार सहित घटनास्थल से लगभग 65 किलोमीटर दूर स्लीमनाबाद में पकडा जा सका। खबरों के मुताबिक, गुबरागंज निवासी मनीष दुबे चार वर्षीय बेटी सान्या को लेकर वोट डालने गए थे। घर लौटते समय सडक पार करने के दौरान एक सान्या कार की चपेट में आ गई। टक्कर के साथ ही सान्या कार के अगले हिस्से में फंस गई। लोगों ने कार को रोकने की कोशिश की तो चालक ने रफ्तार बढा दी। दमोह पुलिस ने बेरीकेटिंग की, लेकिन चालक उसे तोडकर मझौली की ओर भाग निकला। मझौली में कुछ लोगों ने सडक पर साइकिलें खडी कर दी, लेकिन वह साइकिलों को भी रौंदता हुआ निकल गया। बाद में मझौली के ग्राम पौडा के पास कार में फंसा मासूम का सिर सडक पर गिरा।
यह देखकर लोग सकते में आ गए। उन्हें यह समझने में देर न लगी कि धड कार से गिरा। यहां भी कार को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन कार नही रूकी और मासूम का धड पौडा से लगभग पांच किलोमीटर दूर मझौली बाइपास पर सडक पर गिरा। धड और सिर देखकर लोग सकते में आ गए। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस को पता चला कि कार से सिर और धड गिरे हैं। घटना के कारण सडक पर लोगों का जमावडा लग गया था। यहां से परिजन धड और सिर झोले में रखकर थाने ले गए थे। धड और सिर गिरने की जानकारी पर पुलिस वहां पहुंची। पुलिस भी कार के पीछे लग गई। जबलपुर पुलिस ने कटनी के स्लीमनाबाद थाने को इसकी सूचना दी। पुलिस ने स्लीमनाबाद थाने के बाहर नाकाबंदी की और आखिरकार कार को वहां पकड लिया गया।