मुंबई - बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि 30 करोड़ रुपये की संपत्ति की मालकिन होने के बावजूद 68 साल की बुजुर्ग महिला की उपेक्षा की वजह से मौत हो गई। सरकार की खिंचाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि न तो परिवार और न ही राज्य ने उनकी देखभाल की चिंता की, जबकि वरिष्ठ नागरिक कल्याण कानून के तहत बुजुर्गों के लिए वृद्धाश्रम और मेडिकल सहायता की व्यवस्था अनिवार्य है।
जयश्री घोलकर वर्सोवा में 5 सालों तक बीमार बेड पर पड़ी रहीं, लेकिन उनके रिश्तेदारों ने हाल जानने की भी जहमत नहीं उठाई। पिछले सप्ताह उनकी मौत हो गई थी। जयश्री घोलकर को उनके मृत भाई के परिवार ने छोड़ दिया था, जबकि उनका एक भाई अमेरिका में बस चुका है।