नागपुर - महाराष्ट्र के सामाजिक संगठन सत्यशोधक ओबीसी परिषद ने कहा है कि वह अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़े एक हजार से ज्यादा परिवारों को अगले साल की शुरुआत में बौद्ध धर्म में शामिल कराएगा। परिषद ने इस मुहिम को घर वापसी या होमकमिंग का नाम दिया है, जो विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के उस कार्यक्रम की तरह है, जिसमें मुस्लिमों का धर्मांतरण कर उन्हें हिंदू धर्म में लाने पर जोर दिया जा रहा है।
परिषद ने दावा किया है कि सैकड़ों मराठा और कुछ ब्राह्मण परिवारों ने इस धर्मांतरण में हिस्सा लेने में रजामंदी जताई है, जिससे कुल लोगों की संख्या बढक़र करीब 6,500 पहुंच गई है। सत्यशोधक ओबीसी परिषद के प्रेजिडेंट हनुमंत उप्रे ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, हम 14 अक्टूबर 2011 से इस कैंपेन पर काम कर रहे हैं। आज हमारी लिस्ट में 1,677 परिवार ऐसे हैं, जो बौद्ध धर्म अपनाने को तैयार हैं। इस लिस्ट में अन्य पिछड़ा वर्ग की अलग-अलग जातियों से लेकर मराठा और ब्राह्मण तक शामिल हैं। महाराष्ट्र बीजेपी के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा कि पार्टी ऐसे किसी धर्मांतरण का विरोध नहीं करेगी, क्योंकि वह बौद्ध धर्म को भारतीय धर्म का हिस्सा मानती है। हालांकि, उन्होंने कहा, अगर धमकी या लव जिहाद जैसी चीजों के जरिए धर्मांतरण होता है तो हम इसका विरोध करेंगे।