दनकौर - दनकौर कोतवाली इलाके के बल्लूखेड़ा गांव के करीब 25 दलित लोगों ने अपनी मर्जी से जल्द ही ईसाई धर्म में जाने की बात कही है। उनका कहना है कि यह फैसला वे किसी के दबाव या लालच में नहीं कर रहे हैं, बल्कि अपने धर्म के उच्च वर्ग के लोगों की ओर से उनके साथ आए दिन किए जाने वाले भेदभाव से तंग आकर उन्होंने ऐसा करने का मन बनाया है। वहीं इस बात की खबर मिलते ही स्थानीय बीजेपी व वीएचपी कार्यकर्ता इसका विरोध कर रहे हैं। इस बाबत कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम गांव में एक पंचायत भी की। इसके बाद उन लोगों को समझाने की भी कोशिश की।
जानकारी के मुताबिक दनकौर इलाके के बल्लूखेड़ा गांव के दलित बस्ती के करीब 25 लोगों ने सोमवार सुबह गांव में एक मीटिंग की जिसमें उन्होंने ईसाई धर्म में अपने आप को शामिल करने की बात कही। इसकी सूचना जब इलाके के बीजेपी और वीएचपी कार्यकर्ताओं को मिली, वे गांव में पहुंच गए। उन्होंने दलित बस्ती के लोगों को हिंदू धर्म न छोडऩे का आग्रह किया, लेकिन दलितों ने साफ कह दिया कि वे अपनी मर्जी से ईसाई धर्म में जाना चाहते हैं।
इसके लिए वे जल्द ही गांव में एक कार्यक्रम करेंगे और विधि विधान से ईसाई धर्म में शामिल हो जाएंगे। बल्लूखेड़ा गांव निवासी दलित देवीराम, चन्द्रपाल, श्यामा, सतीश और रामकिशन समेत दर्जनों लोगों का आरोप है कि उनके गांव के उच्च वर्ग के लोग उनके साथ रोजाना भेदभाव करते हैं। इस वजह से वे काफी आहत होते हैं। इस कारण ही वे अपने आपको अब ईसाई धर्म में शामिल करने की योजना बना चुके हैं। उनका आरोप है कि गांव के लोगों के अलावा उनको राजनीतिक पार्टी के लोग भी भेदभाव की दृष्टि से देखते हैं।