कोच्चि - भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने आज कहा कि उनकी पार्टी जबरन धर्मांतरण के खिलाफ है और अगर देश के अन्य राजनीतिक दल धर्मनिरपेक्षता के प्रति अपने रुख पर गंभीर हैं तो उन्हें इस पर विधेयक का समर्थन करना चाहिए। केरल के अपने 2 दिन के दौरे पर यहां आये भाजपाध्यक्ष ने संवाददाताओं से कहा, भाजपा जबरन धर्मांतरण के खिलाफ है और इसलिए वह कानून लाना चाहती है। उन्होंने कहा कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों को भाजपा की पहल का समर्थन करना चाहिए।
यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा इस मुद्दे पर अल्पसंख्यक संगठनों से बातचीत करने को तैयार है, भाजपा अध्यक्ष ने कहा-इस विषय पर राजनीतिक दलों में सहमति बनने पर ही इस पर सार्वजनिक चर्चा की जा सकती है। उत्तरप्रदेश में एक हिन्दुत्ववादी संगठन के ‘घर वापसी’ कार्यक्रम की खबर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, यह मामला अदालत के समक्ष है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा। शाह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि भाजपा देश को साम्प्रदायिक आधार पर बांटना चाहती है।
उन्होंने कहा कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है। कालेधन का जिक्र करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी विदेशों में जमा कालाधन देश में वापस लाने पर प्रतिबद्ध है। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के बारे में उन्होंने राज्य में अगली सरकार भाजपा के नेतृत्व में बनने का विश्वास व्यक्त किया।