भुवनेश्वर - भारत ने स्वदेशी तकनीक से विकसित एक हजार किलोग्राम वजन के निर्देशित ग्लाइड बम का परीक्षण किया, जिसने 100 किलोमीटर की दूरी पर लक्ष्य भेदन में सफलता पायी। इसके साथ ही भारत निर्देशित और पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने वाले बम बनाने में आत्मनिर्भर हो गया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के महानिदेशक अविनाश चंद्र ने बताया कि देश के पास आज बेहद सटीकता से 100 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम भारी बमों का डिजाइन तैयार करने, उन्हें विकसित करने और उनके प्रक्षेपण की क्षमता है। डीआरडीओ द्वारा तैयार किए गए बम को भारतीय वायुसेना के विमान से सागर में गिराया गया।
एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई है। विमान में लगी निर्देशन प्रणाली से निर्देशित यह बम करीब 100 किलोमीटर तक नीचे गया और सफलतापूर्वक पूरी सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदा।