नयी दिल्ली - पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र हत्याकांड में आज सभी दोषियों की सजा का ऐलान कडक़डड़ूमा कोर्ट में कर दिया गया। 39 वर्ष पुराने इस मामले में आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनोद गोयल ने सभी 4 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। गौरतलब है कि गत 8 दिसंबर को कोर्ट ने सभी 4 आरोपियों को दोषी करार दिया था। कोर्ट ने इन्हें हत्या, विस्फोट करने, षड्यंत्र रचने और सुबूत नष्ट करने सहित कई अन्य धाराओं के तहत दोषी करार दिया गया था। सजा पाने वालों में एडवोकेट रंजन द्विवेदी, सुदेवानंद अवधूत, गोपालजी एवं संतोषानंद अवधूत हैं। गौरतलब है कि 2 जनवरी 1975 को बिहार के समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर हुए एक बम धमाके में पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र बुरी तरह घायल हो गए थे।
अगले दिन इलाज के दौरान उनकी अस्पताल में मौत हो गई थी। वे वहां आयोजित एक जनसभा में समस्तीपुर व मुजफ्फरपुर के बीच बड़ी लाइन शुरू करने की घोषणा करने पहुंचे थे। इस हादसे में 2 और लोगों सूर्य नारायण झा और रामकिशोर प्रसाद की भी मौत हो गई थी। इसके अतिरिक्त ललित नारायण मिश्र के छोटे भाई व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र सहित अन्य लोग घायल भी हुए थे। इस विस्फोट के पीछे आनंद मार्गियों का हाथ होने का आरोप लगा था। हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अभियोजन के 161 गवाहों और बचाव पक्ष के 40 से अधिक गवाहों की गवाही हुई। एक अभियुक्त की मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही मृत्यु हो गई थी।
इन अभियुक्तों ने इस हत्याकांड में उनके खिलाफ चल रहा मुकदमा निरस्त करने के लिये सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त, 2012 को उनकी याचिका खारिज करते हुए कहा था कि 37 साल तक मुकदमे की सुनवाई पूरी नहीं हो सकने के आधार पर इसे खारिज नहीं किया जा सकता है।