रायपुर - छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने आज एक बार फिर बड़े हमले को अंजाम दिया। सुकमा जिले के चिंतागुफा इलाके में एलमागुंडा और एरागोंडा के बीच सीआरपीएफ की 233 बटालियन के गश्ती दल पर घात लगाकर किए गए हमले में अर्द्धसैनिक बल के 11 जवान और 2 अफसर शहीद हो गये। नक्सलियों से मुठभेड़ जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ के आईजी ऑपरेशन, सुकमा जिले के एसपी घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। यह हमला एरिया डॉमिनेशन एक्सरसाइज के दौरान हुआ। छत्तीसगढ़ के एडीजीपी (इंटेलिजेंस) का कहना है कि कम्युनिकेशन की नाकामी की वजह से यह घटना हुई।
नक्सलियों ने एरिया डॉमिनेशन के लिए निकले 120 जवानों को घेरकर आईईडी ब्लास्ट किया। जब तक जवान कुछ समझ पाते तब तक अधिकारियों समेत 13 जवान शहीद हो चुके थे। यह हमला पीएलजीए की वर्षगांठ के ठीक एक दिन पहले हुआ है। माओवादियों ने 2 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक 14वीं वर्षगांठ जोर-शोर से मनाने के लिए अभियान छेड़ रखा था। इस अवधि में उन्होंने छत्तीसगढ़ में बड़ा भर्ती अभियान चला रखा था। इसके लिए पूरे इलाके में पोस्टर बैनर चिपकाए गए थे। इस हमले को इसी वर्षगांठ के रूप में देखा जा रहा है।