चैन्नई - चैन्नई के पेरूंगलाथुर इलाके में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें भाई-बहन ही एक दूसरे की जान के दुश्मन बन गए। ये घटना रविवार को उस समय हुई, जब दो अविवाहित बहनों ने अपने छोटे भाई को उसके शादी करने के फैसले को लेकर उसे जान से मारने की कोशिश की। मामले की जांच कर रही पुलिस ने बताया कि 32 साल के मनिगंदन ने शुक्रवार को अपनी बहनों को अपनी शादी करने के विचार के बारे में बताया था।
लेकिन उसके इस फैसले का दोनों बहनों ने विरोध किया, क्योंकि उनके भाई के अलावा घर को चलाने वाला और कोई नहीं था। मनिगंदन की मां का देहांत हो जाने के बाद उसके पिता ने दूसरी शादी कर ली थी और वो अपने परिवार को छोड़ अलग रहता था। उसके बाद से ही घर को चलाने की जिम्मेदारी मनिगंदन के कंधों पर थी। इसी बात के चलते मनिगंदन की दोनों बहनों ने उसके शादी करने के फैसले का विरोध किया था।
बहनों के विरोध के बाद मनिगंदन गुस्से में घर से चला गया था, लेकिन उसके घर लौटने के बाद रविवार को एक बार फिर उसके शादी के फैसले को लेकर उसकी अपनी बहनों से बहस हुई, जिसके बाद उसकी बहनों ने उसपर हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि महादेवी और निर्मला ने अपने भाई के सिर पर कपड़े प्रेस करने वाली स्त्री से हमला किया, लेकिन किसी तरह मनिगंदन वहां से बचकर निकल गया और पड़ोसियों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने बताया कि उसके सिर और गले में कुल 46 टांके लगाने पड़े हैं।
वहीं उसकी बहनों ने मनिगंदन की जान लेने के जुर्म के डर से अपने आप को मारने की कोशिश। जिस बात की जानकारी पड़ोसियों ने नजदीकी पेरूनगलांथुर पुलिस थाने को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा बंद होने के कारण उसे वो तोडऩा पड़ा। पुलिस ने अंदर आके देखा कि दोनों बहनों में निर्मला मर चुकी थी जबकि महादेवी बेहोशी की हालत में थी और उसके हाथ से खून निकल रहा था। पुलिस ने बताया कि मनिगंदन और उसकी बहन महादेवी दोनों की ही हालत गंभीर है।