मुंबई - महाराष्ट्र की देंवेद्र फडणवीस सरकार ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। विश्वास मत ध्वनी मत से पारित हुआ। भाजपा के विधायक आशीष शेलार ने विश्वास मत का प्रस्ताव सदन में रखा था, जिसे ध्वनिमत से स्वीकार कर लिया गया। शिव सेना ने इसका विरोध करते हुए मांग की थी कि मत विभाजन किया जाए, लेकिन विधान सभा अध्यक्ष हरीभाऊ बागडे ने अस्वीकार कर दिया। शिव सेना के एकनाथ शिंदे को विधासभा में विपक्ष के नेता केलिए चुन लिया गया।
भारतीय जनता पार्टी सरकार ने ध्वनिमत से बहुमत प्राप्त कर लिया है और अब उसकी सरकार को छह महीने के लिए कोई खतरा नहीं है। विश्वास मत के बाद शिव सेना ने अपने पुराने सहयोगी पर हमला बोलते हुए कहा कि जिस तरह भाजपा ने विश्वासमत हासिल किया वह जनता के साथ विश्वासघात है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि जिस तरह फडणवीस सरकार ने विश्वास मत हासिल किया उसके विरूद्ध कांग्रेस राज्यपाल से शिकायत करेगी।
शिव सेना ने भी कहा कि वह कांग्रेस के साथ राज्यपाल से भाजपा की शिकायत करेगी। वहीं बयान पर सियासत गर्माने के बाद पीडीपी प्रमुख मुफ्ती महबूबा ने इस मामले से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने कहा कि मैं नहीं जानती, किसने ऐसा कहा है। मैंने बयान को नहीं सुना हौ और मुझे कोई जानकारी नहीं है। पीर मंसूर अनंतनाग जिले के सनगुस से विधायक हैं।