श्रीनगर - आज जम्मू में हुए ‘दरबार मूव’ अर्थात राजधानी स्थानांतरण से राज्य में कहीं खुशी और कहीं गम का माहौल है। खुशी उन सरकारी कर्मचारियों तथा अधिकारियों को है जो जम्मू के रहने वाले हैं और गम उनको जो कश्मीर क्षेत्र के हैं क्योंकि अब 6 महीनों तक उन्हें अलग माहौल में रहना पड़ेगा।
‘दरबार मूव’ जम्मू-कश्मीर में 150 वर्ष से भी अधिक पुरानी परम्परा है, जब सरकार का मुख्यालय जाड़े में जम्मू चला जाता है और गर्मी शुरू होने पर श्रीनगर। राज्य में इस परम्परा की शुरुआत 1870 के दशक में डोगरा शासकों ने की थी। देश में जम्मू कश्मीर एक ऐसा राज्य है जहां 150 सालों से गर्मियों और सर्दियों में राजधानी बदलने की प्रक्रिया चल रही है और इसे ‘दरबार मूव’ कहा जाता है।
यही कारण है कि नागरिक सचिवालय के कर्मचारियों और अधिकारियों में खुशी और गम का माहौल है तो ऐसी ही खुशी व गम जम्मू व श्रीनगर के लोगों को है। जम्मू के लोगों की खुशी इस बात की है कि दरबार आने से बिजनेस बढ़ता है और बिजली की आपूर्ति सही हो जाती है। तो श्रीनगर के लोगों को गम इस बात का है कि बिजली आपूर्ति अब अनियमित हो जाएगी तथा बिजनेस कम हो जाएगा। वैसे एक अन्य खुशी और गम इस बात का है कि जिन लोगों को सचिवालय में काम करवाने होते हैं ऐसे कश्मीरवासियों को अब जम्मू जाना पड़ेगा। गर्मियों में जम्मूवासियों को श्रीनगर जाना पड़ता था।