बेंगलूरू - शहर के एचएसआर ले आउट में डकैतों ने पहले पुलिस वाले के वेश में घुसकर डकैती और बाद में एक महिला से उसके पति और सास के सामने ही दुष्कर्म भी किया। डकैतों ने दुष्कर्म की क्लिप भी मोबाइल पर बनाई। हालांकि, पीडित परिवार ने शुरू में सिर्फ डकैती की बात पुलिस को बताई थी लेकिन बाद में दुष्कर्म की बात भी पुलिस को बताई। घटना 24 अक्टूबर देर रात की है लेकिन दुष्कर्म की शिकायत 28 अक्टूबर को दर्ज हुई।
पुलिस के अनुसार बेल्लन्दूर में एक मजदूर दंपती रहता है। इस दंपती के साथ 10 वर्ष का पुत्र और पीडिता की सास भी रहती है। 24 अक्टूबर को भी अन्य दिनों की तरह शाम में दंपती काम से घर लौटा और भोजन कर टीवी देख रहा था। रात करीब साढे ग्यारह बजे के किसी ने दरवाजा खटखटाया। पति ने दरवाजा खोला तो बाहर खडे चार लोगों ने खुद को पुलिस कर्मी बताया और कहा कि उन्हे सूचना मिली है कि उनके घर से अवैध रूप से गांजा बेचा जा रहा है, इसलिए वे घर की तलाशी लेने आए हैं। बाद में चारों चाकू की नोक पर घर में घुसे और आलमारी तोडक़र नकद 10 हजार रूपए, 90 हजार के आभूषण और अन्य समान निकाल लिया। बाद में उनमें से दो लोगों ने पीडिता के पति, बेटे और सास के हाथ-पैर बांध दिया और दो लोगों ने परिवार के अन्य सदस्यों के सामने ही पीडिता से दुष्कर्म किया। बाकी दो ने इसकी क्लिपिंग तैयार की। बाद में उन लोगों ने परिवार को धमकी दी कि घटना की पुलिस से शिकायत की तो वे क्लिप को इंटरनेट पर डाल देंगे।
जाते वक्त चारों घर को बाहर से बंद भी कर गए। दुष्कर्म की शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने रिकार्ड में मौजूद अपराधियों की तस्वीरों को दिखाया तो दंपती ने एक तस्वीर को पहचान लिया। दंपती ने जिस तस्वीर को पहचाना वह अपराधी नंदीश की थी। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर अधिक पूछताछ की तो उसने बाकी तीन लोगों के नाम बताए जो अपराध में शामिल थे।
नंदीश पहले भी कई मामलों में वांछित था लेकिन उसके तीनों सहयोगियों के खिलाफ पहली बार मामला दर्ज हुआ था। नंदीश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने काठ्ठेना अग्रहार निवासी साइमन (22), सुजीत कुमार (21) और अनिल कुमार (22) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान इन लोगों ने दुष्कर्म की बात स्वीकार कर ली है। पुलिस ने वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है जिसमें दुष्कर्म की क्लिप बनाई गई थी।