देहरादून - उत्तराखंड पुलिस के विशेष कार्यबल ने समीपवर्ती डोइवाला क्षेत्र से वन्यजीव अंगों की तस्करी में लिप्त एक अन्तरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से विलुप्त श्रेणी के प्राणी पैंगोलिन (चींटी खाने वाला स्तनधारी) की शल्क वाली 10 किलो खाल बरामद की है। पेंगोलिन की खाल पर पाई जाने वाली मोटी कांटेदार रचना शल्क कहलाती है।
एसटीएफ की टीम ने कल डोइवाला क्षेत्र में स्थित संपेरा बस्ती में लिंक रोड पर छापा मारा और संदिग्ध तस्कर को पैंगोलिन की शल्क वाली 10 किलो खाल के साथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान देहरादून जिले में सहसपुर इलाके के जस्सोवाला गांव के रहने वाले मुकेश नाथ उर्फ कन्हैया उर्फ कान्हा उर्फ काला के रूप में की गयी है। एसटीएफ, पुलिस और वन विभाग की टीमें उससे वन्यजीवों के अंगों की तस्करी में लिप्त नेटवर्क के बारे में जानकारी हासिल करने का प्रयास कर रही हैं। पैंगोलिन एक संरक्षित और अत्यंत विलुप्तप्राय जीव है। वन्यजीव तस्करों द्वारा दवाओं तथा अन्य व्यावसायिक प्रयोग के लिए पेंगोलिन को मार कर इसके अंगों की तस्करी की जाती है जिसकी मांग देश से बाहर अधिक है। अन्तरराष्ट्रीय बाजार में पैंगोलिन के शल्क की कीमत 3 हजार डालर यानि एक लाख 83 हजार रुपये प्रति किलो है। बरामद शल्क की कीमत अन्तरराष्ट्रीय बाजार में लगभग 18 लाख रुपये है।