नई दिल्ली - हुदहुद तूफान ने शुक्रवार को भयावह चक्रवाती रूप अपना लिया। यह जानकारी भारतीय मौसत विभाग ने दी। विभाग के अनुसार, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ जिलो को रविवार तक सतर्क रहना होगा।
उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों को पूरी तरह खाली करवाने का सुझाव देते हुए भारतीय मौसमविभान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि शनिवार सुबह से समुद्र की स्थिति बहुत कठिन रहेगी और रविवार सुबह यह खतरनाक स्तर पर पहुंच जाएगी। वहीं दूसरी ओर भारतीय नौसेना के पूर्वी कमान ने भी इस संभावित संकट की स्थिति में आवश्यक मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए कमर कस ली है।
रक्षा विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना के चार जहाजों को आपातकालीन उपयोग के लिए अलग से रखा गया है, ताकि आवश्यकता पडऩे पर वे तूफान से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों की ओर मुखातिब होकर वहां मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर), निकासी और चिकित्सा सहायता मुहैया कराने के कार्यो को पूरी मुस्तैदी के साथ अंजाम दे सकें।
बयान में बताया गया है कि इन जहाजों पर अतिरिक्त गोताखोरों, चिकित्सकों, हवा भरी रबर की नौकाओं, एकीकृत हेलीकॉप्टरों और बड़ी मात्रा में राहत सामग्री जैसे खाद्य पदार्थो, कपड़ों, दवाओं, कम्बलों इत्यादि को रखने की सुविधा है, जो 5000 से भी ज्यादा कर्मियों की जरूरतें पूरी कर सकते हैं।
बयान में कहा गया है कि पूर्वी नौसेना कमान स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और आवश्यक राहत एवं बचाव कार्यो में बढ़ोतरी के लिए राज्य सरकार के साथ निरंतर संपर्क में है।
बयान में कहा गया है कि नौसेना एयर स्टेशन आईएनएस डेगा पर छह विमानों को आपातकालीन उपयोग के लिए रखा गया है ताकि तूफान में फंसने वालों को वहां से निकाल कर सुरक्षित ठिकानों पर पहुंचाया जा सके और हवाई जहाजों की मदद से राहत सामग्री भी जरूरतमंदों को सुलभ कराया जा सके।
इसके अलावा तीस गोताखोर टीमों और अतिरिक्त राहत सामग्री के साथ चार टुकडियों को भी पूरी तरह तैयार रखा गया है, जिन्हें जरूरत पडऩे पर तत्काल राहत कार्यो में लगाया जा सकें।