हनोई - राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की यात्रा के दौरान भारत और वियतनाम ने कल यहां 7 समझौतों पर हस्ताक्षर किए जिनमें रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने का एक समझौता भी शामिल है।
दोनों देशों ने दक्षिणी चीन सागर क्षेत्र में जहाजों के आवागमन की ‘स्वतंत्रता’ को सुनिश्चित किए जाने का आह्वान किया जिसको लेकर चीन नाखुश हो सकता है, क्योंकि वह उस क्षेत्र पर अपना सार्वभौमिक अधिकार होने का दावा करता है। मुखर्जी की 4 दिवसीय राजकीय यात्रा का सोमवार को दूसरा दिन था। राष्ट्रपति ने यहां वियतनाम के राष्ट्रपति त्रुओंग तान सांग के साथ बातचीत की।
दोनों देशों ने ‘रणनीतिक भागीदारी के आधार पर द्विपक्षीय संबंधों को सशक्त और गहरा’ बनाने का फैसला किया है। दोनों पक्षों ने इसके लिए राजनीतिक, प्रतिरक्षा और सुरक्षा, आर्थिक, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, संस्कृति और जनता के बीच संपर्क, तकनीक सहयोग और बहुपक्षीय एवं क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग पर विशेष ध्यान देने का फैसला किया है।