नई दिल्ली - भारतीय वायुसेना प्रमुख अरुप राहा ने आज कहा कि अल कायदा जैसे आतंकवादी संगठनों से खतरा है, लेकिन देश ऐसे संगठनों के खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत में अभियान शुरू करने के अल कायदा के खतरे के बारे में पूछे जाने पर राहा ने कहा कि ऐसी एजेंसियों से खतरा है, लेकिन देश इनसे निपटने के लिए तैयार है। राहा, वर्ष 1965 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में वायुसेना की भूमिका पर आयोजित सम्मेलन से अलग बात कर रहे थे। अमेरिकी मीडिया और खुफिया एजेंसियों ने गुरुवार को कहा था कि अल कायदा ने भारत में जिहाद छेडऩे, अपनी गतिविधियों का दायरा बढ़ाने और भारतीय उप महाद्वीप में शरिया लागू करने के लिए एक नई शाखा स्थापित की है।
अल कायदा की मीडिया इकाई के अधिकारी ऐस साहब ने सोशल मीडिया साइटों पर डाले गए एक विस्तृत वीडियो में घोषणा की कि नई शाखा का नाम ‘कायदत अल जिहाद इन द इंडियन सबकॉन्टीनेन्ट’ है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अल कायदा सक्रिय है, लेकिन गुट के नेता अयमन अल जवाहिरी ने कहा कि ‘कायदत अल जिहाद’ उनकी लड़ाई को भारत, म्यामां और बांग्लादेश तक ले जाएगा।