नई दिल्ली - शिक्षक दिवस को ‘गुरु उत्सव’ के तौर पर मनाने और उस दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्कूली बच्चों से संवाद करने की केंद्र सरकार की योजना विवादों में घिर गई है और विपक्षी कांग्रेस के अलावा भाजपा के सहयोगी एमडीएमके तथा पीएमके जैसे दलों ने भी सरकार की निंदा की है।
हालांकि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने विपक्ष के कदम को अफसोसजनक बताया और साफ किया कि संवाद में विद्यार्थियों की सहभागिता स्वेच्छा से होगी। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने शिक्षक दिवस का नाम बदलने को ‘पैकेजिंग’ कवायद करार दिया और कहा कि सरकार पैकेज और लेबल बदलने का प्रयास कर रही है। तमिलनाडु में भाजपा के दो सहयोगी दलों ने शिक्षक दिवस का नाम बदलकर गुरु उत्सव किए जाने पर द्रमुक के साथ विरोध जताया। पीएमके ने इसे संस्कृत थोपने की कोशिश करार दिया।
सरकार का फैसला विवादों में घिरने के बाद स्मृति ने दिन में दो बार मीडिया से बातचीत कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षक दिवस का नाम नहीं बदला है। गुरु उत्सव नाम से एक निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जानी है। अगर किसी को शिक्षकों को सम्मानित किए जाने की बात से आपत्ति है तो मुझे अफसोस है।