नई दिल्ली - चार राज्यों में आगामी विधानसभा चुनाव अलग-अलग होंगे। महाराष्ट्र और हरियाणा में यह चुनाव पहले कराये जाएंगे। माना जा रहा है कि दोनों राज्यों में अक्तूबर के तीसरे सप्ताह में विधानसभा चुनाव करवाये जा सकते हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर तथा झारखंड में विधानसभा चुनाव दिसंबर के आखिर में या जनवरी के शुरू में हो सकते हैं।
सूत्रों की माने तो चुनाव आयोग चुनावी कार्यक्रम पर काम कर रहा है और महाराष्ट्र तथा हरियाणा के लिए सितंबर के मध्य में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। आयोग और केंद्रीय गृह मंत्रालय के बीच बलों की जरूरत और उनके आवंटन को लेकर गहन चर्चा चल रही है। संवेदनशील और अत्यधिक संवेदनशील निर्वाचन क्षेत्रों की पहचान की जा रही है, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी बलों की तैनाती की जा सके। झारखंड विधानसभा का कार्यकाल 3 जनवरी 2015 को खत्म होना है। मौजूदा समय में यहां कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के गठजोड़ की सरकार है। यहां 2009 में चुनाव 27 नंवबर से लेकर 18 दिसंबर के बीच पांच चरणों में हुआ था। 30 दिसंबर को झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन मुख्यमंत्री बने लेकिन मई 2010 में यह साथ छूट गया । इसके बाद अर्जुन मुंडा की सरकार बनी यह भी ज्यादा दिन नहीं चल पायी। इस दौरान दो बार राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा।
13 जुलाई 2013 को हेमंत सोरेन ने झारखंड के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली जिनका कार्यकाल 3 जनवरी तक रहेगा। सूत्रों के मुताबिक यहां दिसंबर के आखिर में चुनाव हो सकते हैं।