देहरादून - चारधाम व गैरसेंण को जोडने वाले राष्ट्रीय राज मार्ग में गगास पुल की बुनियाद किसी भी समय ढह सकती है। जिससे कुमाऊं गढ़वाल की लाईफ लाईन को जोडने वाले उक्त मार्ग से आने जाने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 87 ई जो घिंघारीखाल से प्रदेश के चार धाम यात्रा के साथ ही प्रदेश के बनने वाले विधान भवन गैरसेंण को जाने वाला मुख्य मार्ग पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उक्त मार्ग के घिंघारीखाल व द्वाराहाट के मध्य पडने वाले गगास पुल मे खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। पुल के एक हिस्से की बुनियाद व दिवार के धंसने तथा पत्थरो के गिरने से खतरा पैदा हो गया है।
इस मार्ग मे प्रतिदिन दर्जनों वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। विदित हो उक्त राष्ट्रीय राजमार्ग 87 ई की पहले से ही दयनीय स्थिती बनी हुई है। जिसमे कठपुडि$या से घिंघारीखाल एवं घिंघारीखाल से गगास तक के मोटर मार्ग की पिछले दो वर्षों से सुधारीकरण के नाम पर दयनीय स्थिति मे पड़े रहने लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उक्त संबंध मे एनएच रानीखेत डिविजन के ईई एलडी मथेला ने बताया की गगास पुल की दिवाल क्षतिग्रस्त हुई है। जिसके मरम्मत का कार्य षुरु कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि बरसात के बाद नदी में ब्लाक के माध्यम से पूर्ण रोकथाम का कार्य किया जायेगा। उन्होंने बताया की पुल की बुनियाद पूर्ण रुपेण ठीक है।