नई दिल्ली - पाकिस्तान ने भारत को बीएसएफ का जवान सौंपा जिसे चेनाब नदी की तेज धारा में बहकर पाकिस्तान पहुंच जाने पर पाकिस्तान रेंजर्स ने पकड़ा था। पाकिस्तान रेंजर्स के कमांडरों ने जम्मू सेक्टर में जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटी आक्ट्रोई सीमावर्ती चौकी पर जीरो लाइन पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के अधिकारियों को 30 वर्षीय जवान सत्यशील यादव को सौंप दिया।
बीएसएएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जवान का स्वास्थ्य अच्छा है। उन्होंने कहा, यादव को जम्मू कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शाम को सौंपा गया। अपने बल की वर्दी पहने यादव ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया और इस दौरान उनके वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बीएसएफ प्रमुख डीके पाठक जवान को सौंपे जाने के कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से दिल्ली से आए।
इससे पहले, यादव ने पाकिस्तान में संवाददाताओं से कहा कि उसकी नौका दुर्घटनावश नदी की तेज धारा में बहकर पड़ोसी देश पहुंच गई। घटना के बारे में बताते हुए यादव ने कहा, मेरे सहयोगी तैर कर निकल गए लेकिन मुझे तैरना नहीं आता। नौका के साथ मैं पाकिस्तानी क्षेत्र में पहुंच गया। पाकिस्तान चौकी के पास मैं पानी में कूद गया और पाकिस्तान रेंजर्स के जवानों ने बचाया।
रेंजर्स अधिकारियों के बगल में खड़े यादव ने कहा कि उन लोगों ने उन्हें सहज महसूस कराया। जवान ने कहा, उन्होंने मेरा परिचय लिया। अपने दायरे में उन्होंने मेरी पूरी मदद की। जैसा मैं सोच रहा था उससे बेहतर स्थिति में उन्होंने मुझे रखा। मुझे कोई शिकायत नहीं है। मैं खुश हूं। अखनूर के परगवाल खौर में तीन अन्य कर्मियों के साथ यादव गश्त पर थे उसी दौरान जिस नाव में वे जा रहे थे उसमें दिक्कत पैदा हो गयी थी। बीएसएफ अधिकारियों ने कहा था कि बल के जवानों के गश्त करने के दौरान नौका का इंजन खराब हो गया था। उन्होंने कहा कि बीएसएफ जवानों की मदद के लिए भेजी गई राहत नौका में तीन जवान तो सवार हो गया लेकिन यादव तेज धारा में बह गया और वह पाकिस्तान के सियालकोट सेक्टर से 400 मीटर दूर जाकर रुका जहां उसे गांववालों ने निकाला और रेंजर्स को सौंप दिया। यादव उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के रानीपुरा गांव का निवासी है और उसके तीन बच्चे हैं। वह वर्ष 2005 में बल में शामिल हुआ था।